उप्र: मुख्यमंत्री ने दी श्रावण शिवरात्रि की बधाई, भारी भीड़ के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा

उप्र: मुख्यमंत्री ने दी श्रावण शिवरात्रि की बधाई, भारी भीड़ के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा

उप्र: मुख्यमंत्री ने दी श्रावण शिवरात्रि की बधाई, भारी भीड़ के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा
Modified Date: August 12, 2026 / 12:30 am IST
Published Date: August 12, 2026 12:30 am IST

लखनऊ, 11 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को श्रावण महीने में शिवरात्रि के मौके पर राज्य के लोगों को बधाई दी।

श्रावण शिवरात्रि पर प्रदेश भर के प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। इसे देखते हुए पुलिस और ज़िला प्रशासन ने बागपत के पुरा महादेव मंदिर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देवाधिदेव महादेव की आराधना को समर्पित पावन श्रावण शिवरात्रि की समस्त शिवभक्तों व प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा से प्रत्येक नागरिक का जीवन सुख, शांति, समृद्धि, आरोग्य और यश से आलोकित हो तथा सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों, यही प्रार्थना है। हर हर महादेव।’’

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी सभी को श्रावण मास की शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

बागपत में श्रावण शिवरात्रि और तीन दिन तक चलने वाले महाशिवरात्रि मेले के लिए पुरा महादेव मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ आने की उम्मीद थी। इसे देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात के इंतजाम बढ़ा दिए और मंदिर परिसर व कांवड़ यात्रा के रास्तों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।

बागपत के पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने मंदिर परिसर में इंतजामों का निरीक्षण किया और सुरक्षा, भीड़-प्रबंधन व पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्‍यक दिशानिर्देश दिये।

मेले के मैदान, पार्किंग क्षेत्रों और कांवड़ यात्रा के रास्तों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की निगरानी के लिए मौके पर मौजूद हैं।

वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त जुटे। सोमवार देर रात से ही गेट नंबर एक, चार, चार बी और अन्य रास्तों पर कांवड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर प्रशासन ने बताया कि मंगलवार को ‘जलाभिषेक’ के लिए आने वाले ज़्यादातर कांवड़िये प्रयागराज के संगम से जल लेकर आए थे। भारी भीड़ को देखते हुए मैदागिन से मंदिर और गिरजाघर क्रॉसिंग से मंदिर तक के रास्तों को ‘वाहन निषिद्ध क्षेत्र’ घोषित कर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि सिविल पुलिस, अर्धसैनिक बल और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के ज़रिए भक्तों की आवाजाही पर नजर रखी गई।

गाजियाबाद में जिला प्रशासन के अनुसार, हजारों श्रद्धालुओं ने सुबह से ही प्राचीन दूधेश्वर नाथ मंदिर में हरिद्वार से लाया गया गंगाजल चढ़ाया और पूजा-अर्चना की। मंदिर में लंबी कतारें लग गईं और मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा।

जिलाधिकारी रवींद्र कुमार मांदड़ ने भी मंदिर में दर्शन किए, भगवान शिव का ‘जलाभिषेक’ किया और राज्य व जिले की खुशहाली, शांति और भलाई के लिए प्रार्थना की।

भाषा सलीम आनन्‍द गोला

गोला


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