Reported By: Vijendra Pandey
,Madhya Pradesh High Court/Photo Creadit: IBC24 File
जबलपुर। Madhya Pradesh High Court: ‘तुम्हारे जैसे एक हज़ार पति रख सकती हूं’.. अपनी पत्नी के इस ताने को सुनने के बाद एक पति ने उसकी हत्या कर दी थी। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी पति को उम्रकैद की सज़ा भी सुनाई लेकिन हाईकोर्ट ने सज़ा को घटाकर 7 साल की कैद में बदल दिया। कोर्ट ने माना कि पत्नी के ताने से आहत पति ने जो अपराध किया वो इरादतन नहीं, बल्कि गैर इरादतन हत्या है।
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में सितंबर 2021 को शिव कहार और उसकी पत्नी के बीच विवाद हुआ। बहस के दौरान पत्नी ने कहा कि मुझे तुम्हारे जैसे हजार पति मिल जाएंगे। ये बात सुनकर शिवा अपना आपा खो बैठा और पास में पड़े पत्थर से पत्नी के सिर पर वार कर दिया। अचानक हुए हमले में सात महीने की गर्भवती पत्नी किरण की मौत हो गई। घटना के बाद शिवा फरार नहीं हुआ। उसने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। साल 2021 की इस वारदात में छिंदवाड़ा की जिला अदालत ने ट्रायल के बाद साल 2024 में आरोपी पति को हत्या का दोषी माना और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले को शिवा ने कोर्ट में चुनौती दी।
Madhya Pradesh High Court सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने इस हत्या को प्लान्ड मर्डर नहीं माना। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी का अपने पति को ये कहना कि वो उसके जैसे हजार पति रख सकती है, पति के सम्मान और उसके वजूद को नकारने वाली बात थी। अदालत ने माना कि इससे आरोपी को अचानक और गंभीर उकसावा मिला और उसी गुस्से में उसने पास पड़े पत्थर को पत्नी के सिर पर दे मारा जिससे उसकी मौत हो गई। कोर्ट ने ये भी माना कि आरोपी ने घटना के बाद न तो सबूत मिटाने की कोशिश की और न ही भागने का प्रयास किया, बल्कि खुद पुलिस और परिजनों को सूचना दी। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने माना कि ये मामला हत्या का नहीं, बल्कि गैर-इरादतन हत्या का है। अदालत ने उम्रकैद की सजा को घटाकर 7 साल की कैद में बदल दिया।
हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने अपने इस फैसले से एक बार फिर साफ किया है कि अदालत सिर्फ घटना को नहीं, बल्कि घटना के पीछे की परिस्थितियों और आरोपी की मानसिक स्थिति को भी कानून के दायरे में परखती है। यही वजह है कि इस मामले में उम्रकैद की सजा घटाकर सात साल कर दी गई है।
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