वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रेस कांफ्रेंस में कहा है कि कांग्रेस वाराणसी में मंदिरों को ध्वस्त करते हुए कृत्रिम वीडियो बनाकर दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार फैला रही है। (Manikarnika Ghat Demolition) आपको बता दें कि काशी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य को लेकर पिछले सप्ताह से राजनीतिक विवाद जारी है। (CM yogi PC on Manikarnika Ghat Demolition) जेसीबी के जरिए प्राचीन संरचनाओं को ढहाए जाने की सामने आ रही फोटोज से उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में माहौल गर्म हो रहा है।
इस मामले में विपक्ष के लोग (सपा, कांग्रेस) आरोप लगा रहे हैं कि विकास के नाम पर सदियों पुरानी मूर्तियां, विशेषकर देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तोड़ी गई हैं।(Manikarnika Ghat Demolition) विपक्ष के लगातार हमले के बाद इस पूरे विवाद पर वाराणसी के मेयर और क्षेत्रीय बीजेपी विधायक ने मणिकर्णिका घाट पहुंचकर सफाई दी कि कोई मंदिर नहीं टूटा और मूर्तियों को संरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही निर्माण कार्य पूरा होगा तो इस मूर्ति को पुनर्स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा काशी विद्वत परिषद ने भी लोगों से भ्रम न फैलाने की अपील की है।
वहीं विपक्षी दलों के लगातार हो रही हमले के बीच आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंचे। (Manikarnika Ghat Demolition)इस दौरान उन्होंने वहां पर प्रेस कॉफ्रेंस के करके पूरे मामले की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा कि कुछ लोग है जो काशी को बदनाम करते हैं। मुझे याद है, जब काशी विश्वनाथ का काम शुरू हुआ था तो उसके खिलाफ साजिश की थी।
आज भी वही लोग काशी को बदनाम कर रहे हैं और टूटी हुई मूर्तियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल कर भ्रम फैला रहे हैं और भ्रम फैला रहे हैं कि मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं। (Manikarnika Ghat Demolition)इससे ज़ादा सफेद झूठ कुछ नहीं हो सकता। आज काशी को एक नई वैश्विक पहचान मिली है। पीएम ने हमेशा इस बारे में बात की है कि काशी की प्राचीन विरासत को संरक्षित करते हुए, इसे देश और दुनिया के सामने एक नए रूप में भी प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘ काशी अविनाशी है। (Manikarnika Ghat Demolition)काशी के प्रति हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है, लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था। उस समग्र विकास के कार्यक्रम को वो महत्व नहीं मिला जो आजादी के तत्काल बाद प्राप्त होना चाहिए था। पिछले 11-11.5 साल के अंदर काशी एक बार फिर से अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उनका संवर्धन भी कर रहा है और भौतिक विकास के कार्यों के माध्यम से नई ऊंचाई को भी प्राप्त कर रहा है।
ये हमारा सौभाग्य है कि काशी का प्रतिनिधित्व देश की संसद में प्रधानमंत्री मोदी करते हैं। (CM yogi PC on Manikarnika Ghat Demolition) प्रारंभ से ही उन्होंने इस बारे में कहा है कि काशी की पुरातन काया को संरक्षित करते हुए उसे नए कलेवर के रूप में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए और उसी के अनुरूप पिछले 11-11.5 सालों में काशी की योजनाएं शुरू हुईं। 55,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं काशी के लिए स्वीकृत हुईं, जिनमें से 36 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं लोकार्पित हो चुकी हैं और शेष योजनाएं प्रगतिशील तेजी के साथ आगे बढ़ रही हैं।
2014 से पहले या काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले यहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या 5 हजार से लेकर केवल 25 हजार तक पहुंचती थी। आज उसी काशी में 1.25 लाख से 1.50 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचते हैं।अकेले काशी ने देश की GDP में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान किया है। उन्होंने आगे बोलते हुए कांग्रेस पर भारत की विरासत का अपमान करने का आरोप लगाया।
वारासणी के सर्किट हाउस में प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा, ‘आज काशी विश्वनाथ धाम में 50 हजार श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं। (CM yogi PC on Manikarnika Ghat Demolition) यानी ये सभी कुछ ये बदलाव काशी के अंदर देखने को मिले हैं, काशी में नए-नए अस्पताल खुले हैं। आज काशी में नौजवानों के लिए रोजगार के नए-नए अवसर हैं।’ वाराणसी के सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि साल 2014 के बाद से काशी में विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि काशी के घाट वाराणसी की पहचान है।
The Congress is spreading malicious propaganda by creating AI video showing demolition of temples in Varanasi: UP CM Yogi Adityanath pic.twitter.com/FCIC5T5zkZ
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) January 17, 2026