मथुरा, 14 जुलाई (भाषा) राम मंदिर आंदोलन में शामिल रही साध्वी ऋतम्भरा ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर दुख जाहिर करते हुए कहा कि भगवान के धन पर ‘गिद्ध दृष्टि’ रखना ‘अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण’ घटना है।
उन्होंने उम्मीद जतायी कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे कोई भी व्यक्ति इस प्रकार का अपराध करने की हिम्मत न कर सके।
ऋतम्भरा, सोमवार शाम वृन्दावन मार्ग पर स्थित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आश्रम में आयोजित कथा में शामिल होने के लिए पहुंचीं थीं।
उन्होंने इस अवसर पर विजय मारू की पुस्तक ‘रिटायर्ड-60 नॉट आउट’ का विमोचन भी किया।
यह पुस्तक वरिष्ठ नागरिकों के जीवन, उनकी चुनौतियों और संभावनाओं पर आधारित है।
ऋतम्भरा ने इस दौरान संवाददाताओं से कहा, “राम मंदिर निर्माण में समाज के हर वर्ग ने श्रद्धापूर्वक योगदान दिया। लोगों ने इसके लिए 500 वर्षों तक संघर्ष किया। यहां तक कि अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए, लेकिन अफसोस है कि चढ़ावा चोरी करने वालों ने पूर्वजों के तप को भी ध्यान में नहीं रखा बल्कि उन्होंने तो लोगों द्वारा भगवान के लिए दिये गये धन पर गिद्ध दृष्टि रखी।”
उन्होंने दुखी स्वर में कहा, “भगवान के धन पर गिद्ध दृष्टि रखना हम सबके लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मैं इससे बेहद दुखी हूं। उम्मीद करती हूं कि ऐसी व्यवस्था बनेगी, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार का अपराध करने की हिम्मत न कर सके।”
ऋतम्भरा ने चढ़ावे की कथित चोरी मामले में निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताते हुए कहा कि मामले का जल्द खुलासा हो और दोषियों को ऐसी सजा मिले जो नजीर बने।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोप में आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
भाषा सं. सलीम जितेंद्र
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