America Pakistan Relations: अब पाकिस्तान ने उड़ाई अमेरिका की नींद? दोस्ती के बहाने चुपके-चुपके कर रहा ये काम, खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

अब पाकिस्तान ने उड़ाई अमेरिका की नींद? दोस्ती के बहाने चुपके-चुपके कर रहा ये काम, America Pakistan Relations Latest Update

America Pakistan Relations: अब पाकिस्तान ने उड़ाई अमेरिका की नींद? दोस्ती के बहाने चुपके-चुपके कर रहा ये काम, खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
Modified Date: March 19, 2026 / 04:55 pm IST
Published Date: March 19, 2026 4:55 pm IST

नई दिल्ली। America Pakistan Relations ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान को लेकर अमेरिका का रुख दोहरा नजर आ रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के नेतृत्व की खुलकर तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर अमेरिकी खुफिया एजेंसियां उसे सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरे के रूप में देख रही हैं। यही विरोधाभास इस समय वैश्विक कूटनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

दरअसल, ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को “ग्रेट लीडर” और “शानदार लोग” बता चुके हैं। उन्होंने मुनीर को “21वीं सदी का बड़ा फाइटर” तक कहा और उन्हें डिनर पर भी आमंत्रित किया। हालांकि, इन कूटनीतिक बयानों के उलट अमेरिका की इंटेलिजेंस रिपोर्ट पाकिस्तान को तीन प्रमुख मोर्चों मिसाइल प्रोग्राम, आतंकवाद और परमाणु हथियार पर गंभीर खतरा मानती है। इसी लेकर अब वैश्विक स्तर पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है।

बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से बढ़ी चिंता

America Pakistan Relations अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में ये जानकारी सामने आई है कि पाकिस्तान लगातार अपनी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को मजबूत कर रहा है। ये मिसाइलें परमाणु और पारंपरिक हथियार ले जाने में सक्षम हैं और भविष्य में लंबी दूरी तक हमला कर सकती हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि वर्ष 2035 तक वैश्विक स्तर पर मिसाइल खतरों की संख्या 3000 से बढ़कर 16,000 से अधिक हो सकती है। चीन, रूस, उत्तर कोरिया और ईरान के साथ पाकिस्तान भी इस दौड़ में शामिल है। अमेरिका को आशंका है कि भविष्य में पाकिस्तान इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) विकसित कर सकता है, जो सीधे अमेरिकी क्षेत्र तक पहुंच सकती है। इसी खतरे को देखते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान के नेशनल डेवलपमेंट कॉम्प्लेक्स (NDC) समेत कई संस्थानों पर प्रतिबंध लगाए हैं।

आतंकवाद लगातार बना हुआ खतरा

पाकिस्तान को लेकर अमेरिका की दूसरी बड़ी चिंता आतंकवाद है। हाल ही में कराची स्थित अमेरिकी कॉन्सुलेट पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने हाई अलर्ट जारी किया और लाहौर व कराची से गैर-जरूरी स्टाफ को वापस बुला लिया। अमेरिकी एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान में सक्रिय संगठन जैसे टीआरएफ, टीटीपी, आईएसआईएस-के और अल-कायदा से जुड़े नेटवर्क क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं। रिपोर्ट के अनुसार ये संगठन भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ाकर बड़े सैन्य टकराव या परमाणु संघर्ष की स्थिति पैदा कर सकते हैं।

सबसे बड़ा जोखिम परमाणु हथियार

अमेरिका की एनुअल थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट में पाकिस्तान को “टॉप-टियर न्यूक्लियर थ्रेट” की श्रेणी में रखा गया है। पहले चिंता इस बात को लेकर थी कि कहीं परमाणु हथियार आतंकी संगठनों के हाथ न लग जाएं, लेकिन अब पाकिस्तान की परमाणु क्षमता को ही रणनीतिक खतरे के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका 2001 से ही पाकिस्तान के परमाणु जखीरे की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहा है और इसके लिए कई आपातकालीन सैन्य योजनाएं भी तैयार की गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत-पाकिस्तान संबंध बेहद संवेदनशील हैं और किसी बड़े आतंकी हमले के बाद हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।