ऑस्ट्रेलिया: बच्चों के सोशल मीडिया खातों पर रोक में विफल रहने पर जुर्माना दोगुना होगा

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ऑस्ट्रेलिया: बच्चों के सोशल मीडिया खातों पर रोक में विफल रहने पर जुर्माना दोगुना होगा

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  • Publish Date - June 29, 2026 / 10:49 AM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 10:49 AM IST

मेलबर्न, 29 जून (एपी) ऑस्ट्रेलिया सरकार बच्चों को खाता बनाने से रोकने में नाकाम रहने पर फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों पर लगाए जाने वाले संभावित जुर्माने को दोगुना करने की योजना बना रही है।

आलोचकों का कहना है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर लगाया गया दुनिया का पहला प्रतिबंध कारगर नहीं है।

संचार मंत्री अनिका वेल्स ने सोमवार को कहा कि इन आयु-सीमा संबंधी नियमों का सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा पर्याप्त पालन नहीं किए जाने के कारण कानून को और सख्त बनाने की जरूरत पड़ी है। यह कानून 10 दिसंबर से लागू हुआ था।

‘ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन’ (एबीसी) से बातचीत में वेल्स ने कहा, ‘‘हम सभी चाहते हैं कि यह व्यवस्था बेहतर तरीके से काम करे, लेकिन बड़ी कंपनियां इसे गंभीरता से नहीं ले रही हैं।’’

सरकार ने रविवार को घोषणा की कि वह इस सप्ताह संसद में एक मसौदा विधेयक पेश करेगी, जिसके तहत बच्चों को खाते बनाने से रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाने वाले सोशल मीडिया मंचों पर अधिकतम जुर्माना बढ़ाकर करीब 6.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर किया जाएगा।

सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, प्रस्तावित संशोधनों के तहत ई-सेफ्टी आयुक्त जूली इनमैन ग्रांट को भी अधिक अधिकार दिए जाएंगे, ताकि वह यह सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों से आवश्यक जानकारी और दस्तावेज मांग सकें कि वे ऑस्ट्रेलियाई कानून का पालन कर रही हैं या नहीं। कई देश ऑस्ट्रेलिया के इस प्रयोग पर करीबी नजर रखे हुए हैं।

सरकार ने शुरू में दावा किया था कि कानून लागू होने के बाद 50 लाख से अधिक बच्चों के सोशल मीडिया खाते हटाए गए, निष्क्रिय किए गए या उन पर प्रतिबंध लगाया गया।

हालांकि, ई-सेफ्टी ने मार्च में जारी अपनी रिपोर्ट में बताया कि 10 दिसंबर को प्रतिबंधित सोशल मीडिया मंचों पर मौजूद 10 में से सात बच्चे अब भी फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और टिकटॉक का उपयोग कर रहे हैं।

जूली इनमैन ग्रांट ने अप्रैल में कहा था कि वह फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, टिकटॉक और यूट्यूब के खिलाफ अदालत जाने पर विचार कर रही हैं, क्योंकि उनके अनुसार ये मंच बच्चों को अपने मंचों से बाहर रखने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं।

हालांकि उन्होंने एक्स, किक, रेडिट, थ्रेड्स और ट्विच जैसे अन्य प्रतिबंधित मंचों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

एपी गोला शोभना

शोभना