ढाका/नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) बांग्लादेश के नरसिंगदी जिले में मंगलवार को व्यापारियों ने एक हिंदू व्यापारी की हत्या के मामले में न्याय की मांग करते हुए मानव शृंखला बनाई। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह जानकारी दी।
नरसिंगदी जिले के पलाश उपजिला के चारसिंदूर बाजार में सोमवार रात अज्ञात हमलावरों ने 40 वर्षीय किराना दुकान मालिक मोनी चक्रवर्ती की धारदार हथियार से वार करके हत्या कर दी। मंगलवार को उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
चारसिंदूर बाजार के सौ से अधिक व्यापारियों ने स्थानीय बाजार संघ के तत्वावधान में एक मानव शृंखला बनाई और हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल पहचान और गिरफ्तारी की मांग की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने त्वरित और पारदर्शी जांच की मांग की और चेतावनी दी कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे और भी कड़ा आंदोलन करेंगे।
चक्रवर्ती के एक करीबी दोस्त राजेंद्र चौहान ने बताया कि वह इलाके में काफी सम्मानित व्यक्ति थे और उनका किसी से कोई ज्ञात विवाद नहीं था।
उन्होंने कहा, “अभी हमारे पास बोलने की हिम्मत नहीं है। वह इतने अच्छे इंसान थे कि यह सोचना भी नामुमकिन है कि उनका कोई दुश्मन हो सकता था।” उन्होंने हत्या के पीछे किसी भी धार्मिक मकसद या चरमपंथी समूहों की संलिप्तता से इनकार किया।
चक्रवर्ती की हत्या उनके घर के पास उस समय की गयी जब वह अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान से लौट रहे थे।
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी और रिश्तेदार प्रदीप चंद्र बर्मन ने हमले को “सुनियोजित” बताया।
उन्होंने कहा, “पहले से दुश्मनी थी… हमलावरों ने उनका मोबाइल फोन या मोटरसाइकिल नहीं ली। उन्होंने अपनी दुकान बंद की और घर जा रहे थे कि हमलावरों ने ठीक उनके घर के ठीक सामने उनकी हत्या कर दी। यह एक बेहद दुखद घटना है।”
प्रदर्शन में उपस्थित लोगों में चारसिंदूर बाजार एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष अंगुर भुइया, महासचिव फारुक भुइया, बांग्लादेश हिंदू महाजोत के केंद्रीय आयोजन सचिव किशोर कुमार, पलाश उपजिला अध्यक्ष लिपोन देबनाथ और अन्य स्थानीय नेता शामिल थे।
चक्रवर्ती की हत्या सोमवार शाम को जेस्सोर जिले में अज्ञात लोगों द्वारा एक अन्य हिंदू व्यापारी, राणा प्रताप बैरागी (38) की सिर में गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ घंटों बाद हुई। वह एक स्थानीय समाचार पत्र के कार्यवाहक संपादक भी थे।
इससे पूर्व भी बांग्लादेश में कई हिंदुओं को निशाना बनाया जा चुका है।
भाषा
प्रशांत नरेश
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