ढाका, एक फरवरी (भाषा) बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने रविवार को आरोप लगाया कि उसे 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव से पहले राजधानी ढाका और बांग्लादेश के अन्य हिस्सों में मतदाताओं का ‘असामान्य’ पलायन देखने को मिला है।
दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी ने भी इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर चुनाव आयोग (ईसी) के आंकड़ों की मांग की।
बीएनपी की चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष नजरुल इस्लाम खान ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एएमएम नासिर उद्दीन के साथ भेंट के बाद पत्रकारों से कहा,‘‘ पिछले डेढ़ साल में बड़ी संख्या में मतदाता ढाका और देश के अन्य हिस्सों में कुछ विशिष्ट निर्वाचन क्षेत्रों में चले गए हैं जो असामान्य है।’’
खान ने कहा कि बीएनपी ने चुनाव आयोग से निर्वाचन क्षेत्रवार मतदाताओं के पलायन के आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा ।
खान ने बताया, “चुनाव आयोग ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में पलायन करने वाले मतदाताओं की संख्या 2,000-3,000 से अधिक नहीं है।”
उन्होंने कहा कि लेकिन पार्टी इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है और उसे आशंका है कि संबंधित विभागों ने आयोग को सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए हैं।
बीएनपी ने यह भी आरोप लगाया कि लगभग 20 से 30 मतदाता एक ही ‘होल्डिंग नंबर’ के तहत पंजीकृत पाए गए, जबकि वास्तव में वहां केवल चार या पांच लोग ही रहते हैं।
पार्टी ने कहा कि कुछ मामलों में, मतदाताओं को ऐसे स्थानों पर पंजीकृत किया गया था जहां कोई ‘होल्डिंग नंबर’ ही नहीं है।
हालांकि, बीएनपी के इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की आवामी लीग को चुनाव में भाग लेने से रोक दिये जाने के बाद, अगले महीने होने वाले चुनाव से पहले बीएनपी सबसे आगे बतायी जा रही है।
दूसरी ओर, बीएनपी की कभी महत्वपूर्ण सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी अब उसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरी है।
खान ने ये आरोप ऐसे समय में लगाये हैं जब मीडिया में खबर है कि देश भर में जमात समर्थक खासकर पार्टी के गढ़ों को ध्यान में रखते हुए अपने पते बदल रहे हैं।
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश