पूर्व प्रधानमंत्री ओली की गिरफ्तारी के विरुद्ध नेपाल में सीपीएन-यूएमएल कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

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पूर्व प्रधानमंत्री ओली की गिरफ्तारी के विरुद्ध नेपाल में सीपीएन-यूएमएल कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

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  • Publish Date - March 28, 2026 / 06:20 PM IST,
    Updated On - March 28, 2026 / 06:20 PM IST

(शिरीष बी. प्रधान)

काठमांडू, 28 मार्च (भाषा) नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी) के कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली की गिरफ्तारी के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में शनिवार को प्रदर्शन किया।

सीपीएन-यूएमएल के नेता ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को पिछले साल आठ और नौ सितंबर को ‘जेन-जेड’ आंदोलन को दबाने में उनकी भूमिका के आरोप में शनिवार सुबह गिरफ्तार किया गया। उस दौरान लगभग दो दर्जन युवाओं समेत 76 लोग मारे गए थे।

ओली की गिरफ्तारी के विरोध में सीपीएन-यूएमएल के सैकड़ों कार्यकर्ता कोशी प्रदेश के झापा जिले के दमक नगरपालिका, कास्की जिले के पोखरा नगरपालिका और काठमांडू के मैतिघर मंडल और बाबरमहल में इकट्ठा हुए।

सीपीएन-यूएमएल के आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं और ऑल नेपाल नेशनल फ्री स्टूडेंट्स यूनियन (एएनएनएफएसयू) से जुड़े कार्यकर्ताओं ने नवगठित बालेंद्र शाह सरकार और गृह मंत्री सूडान गुरुंग के खिलाफ नारे लगाए और ओली की तत्काल रिहाई की मांग की।

काठमांडू में, सीपीएन-यूएमएल कार्यकर्ताओं ने मैतिघर मंडल, बाबरमहल, नया बनेश्वर, सिंहदुर्बा और भृकुटीमंडप क्षेत्रों में प्रदर्शन किया, जहां बड़ी संख्या में दंगा रोधी पुलिस तैनात थी।

प्रदर्शनकारियों द्वारा पतथराव करने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।

सीपीएन-यूएमएल कार्यकर्ताओं के एक समूह ने जांच आयोग की रिपोर्ट की प्रतियां भी जला दीं, जिसमें ओली और तत्कालीन गृह मंत्री को सितंबर में ‘जेन-जेड’ के विरोध प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।

भृकुटीमंडप और बाबरमहल क्षेत्रों में, सीपीएन-यूएमएल कार्यकर्ताओं और छात्रों ने टायर जलाए और सरकार विरोधी नारे लगाए।

एएनएनएफएसयू से जुड़े छात्र कार्यकर्ता “के पी ओली को तुरंत रिहा करो”, “राजनीतिक प्रतिशोध बंद करो” और “कानून का राज कायम रखो” जैसे नारे लिखे बैनर लिये हुए थे।

ओली समर्थक कार्यकर्ताओं ने सिंह दरबार सचिवालय के दक्षिणी गेट के सामने भी प्रदर्शन किया, जहां उनकी दंगा रोधी पुलिस से झड़प हुई।

प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा अवरोधकों को तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।

काठमांडू जिला पुलिस परिक्षेत्र के प्रवक्ता पवन भट्टराई ने बताया कि सिंह दरबार सचिवालय गेट के पास प्रतिबंधित क्षेत्र में सुरक्षा अवरोधक तोड़कर दाखिल होने की कोशिश कर रहे सीपीएन-यूएमएल के सात कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।

‘जेन जेड’ आंदोलन से जुड़ी घटना की जांच के लिए गठित जांच आयोग ने ओली और लेखक समेत अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले के तहत कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है।

बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नेपाल की नवगठित सरकार ने शुक्रवार को अपनी पहली कैबिनेट बैठक में जांच आयोग की सिफारिशों को तुरंत लागू करने का फैसला किया।

भाषा सुरेश धीरज

धीरज