DONALD TRUMP STATEMENT/ image source: swilkinsonbc X HANDLE
Donald Trump Latest Statement: इजरायल अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय भूमिका और नाटो की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में नाटो (NATO) की स्थिति काफी कमजोर नजर आ रही है।
ट्रंप के मुताबिक, यूरोप समेत कई देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस अहम जलमार्ग पर निर्भर हैं, लेकिन इसके बावजूद नाटो की सक्रियता बेहद सीमित रही है, जिससे अमेरिकी नेताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिकी सीनेटरों और कांग्रेस के कई सदस्य इस बात से असंतुष्ट हैं कि नाटो ने अब तक इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका मानना है कि जब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का इतना बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है, तब इस पर खतरे की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी हो जाता है। इसके बावजूद नाटो की निष्क्रियता चिंता का विषय बनी हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रही गतिविधियों को लेकर ट्रंप ने इसे “साधारण सैन्य अभ्यास” बताया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के ऑपरेशन के लिए बड़े पैमाने पर जहाजों और सैनिकों की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि नाटो इस अभियान में अमेरिका की मदद कर सकता है, लेकिन अब तक उसने अपेक्षित साहस नहीं दिखाया है। ट्रंप ने यह भी सुझाव दिया कि जिन देशों को इस जलमार्ग से सीधा लाभ मिलता है, जैसे चीन और जापान, उन्हें भी इस प्रयास में शामिल होना चाहिए, ताकि सामूहिक रूप से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसके अलावा, ट्रंप ने युद्ध के दौरान ईरान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे सैन्य उपकरणों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास चीन और रूस के हथियार और तकनीक मौजूद हैं, लेकिन ये अमेरिकी सेना के सामने प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं। ट्रंप ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत अमेरिकी नौसेना और सेना को हरा नहीं सकती। उनका यह बयान साफ तौर पर अमेरिका की सैन्य ताकत और वैश्विक दबदबे को दर्शाता है, साथ ही यह संकेत भी देता है कि मौजूदा संघर्ष में अमेरिका किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।