कांगो में इबोला का प्रकोप बहुत तेजी से फैला, नियंत्रण की कोशिशें अभी पीछे : डब्ल्यूएचओ प्रमुख

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कांगो में इबोला का प्रकोप बहुत तेजी से फैला, नियंत्रण की कोशिशें अभी पीछे : डब्ल्यूएचओ प्रमुख

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  • Publish Date - June 4, 2026 / 10:15 AM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 10:15 AM IST

लागोस (नाइजीरिया), चार जून (एपी) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ने कहा कि कांगो में इबोला का प्रकोप इतनी तेजी से फैला कि उसे नियंत्रण करने के प्रयास उसके मुकाबले पीछे रह गए।

साथ ही उन्होंने कहा कि चिकित्सा समुदाय अब स्थिति पर काबू पाने की कोशिश में तेजी से काम कर रहा है लेकिन ‘‘प्रभावित क्षेत्र में चरमपंथी हमले राहत एवं नियंत्रण प्रयासों में बाधा डाल रहे हैं।’’

कांगो की सेना ने बताया कि मंगलवार देर रात उत्तरी किवू प्रांत के बेनी क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट से संबद्ध संगठन ‘एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज’ (एडीएफ) के हमले में 16 लोगों की मौत हो गई।

सेना के अनुसार, चरमपंथियों ने यह हमला कांगो और युगांडा की सेनाओं के संयुक्त अभियान के जवाब में किया। दोनों देशों की सेनाएं लंबे समय से सीमा क्षेत्रों में सक्रिय इस संगठन के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। पिछले महीने भी इस समूह ने युगांडा सीमा के निकट कांगो के गांवों पर हमला कर कम से कम 40 लोगों की हत्या कर दी थी तथा घरों में आगजनी और लूटपाट की थी।

इस हिंसा के कारण इबोला के दुर्लभ ‘बुंडीबुग्यो’ प्रकार के प्रकोप से निपटने के प्रयास प्रभावित हुए हैं। इस प्रकोप की घोषणा मई के मध्य में पूर्वी कांगो के इतुरी, उत्तरी किवू और दक्षिणी किवू प्रांतों में की गई थी।

तब से कांगो के अधिकारियों ने 344 मामलों में से 60 मौतों की पुष्टि की है। वहीं संदिग्ध मामलों की संख्या 906 से घटकर 116 रह गई है। पड़ोसी देश युगांडा में भी 15 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने बुधवार को कहा कि इबोला से लड़ाई में जांच व्यवस्था में सुधार हो रहा है तथा प्रयोगशाला और निदान क्षमता बढ़ाई गई है। हालांकि, कांगो में संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान और निगरानी अब भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची है।

उन्होंने कहा, ‘‘इबोला का प्रकोप काफी तेजी से फैल चुका था और हम उसे काबू में पाने में काफी पीछे रह गए। लेकिन हम तेजी से काबू पा रहे हैं।’’

टेड्रोस ने यह बयान कांगो की यात्रा से लौटने के एक दिन बाद दिया। उन्होंने वहां प्रकोप के केंद्र का दौरा किया था।

यह इबोला का ऐसा प्रकार है, जिसके लिए अभी कोई स्वीकृत दवा या टीका उपलब्ध नहीं है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपकरणों और अन्य संसाधनों की आपूर्ति तेज कर दी गई है।

हालांकि, कम से कम पांच लोग संक्रमण से स्वस्थ भी हो चुके हैं, जिसे उम्मीद की किरण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संभावित टीका प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने में कई महीने लग सकते हैं।

एपी गोला वैभव

वैभव