Epstein Files Latest News. Image Source- Media Reports
वॉशिंगटन। Epstein Files Latest News: दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामले में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की गई नई फाइलों में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। न्याय विभाग ने एपस्टीन से संबंधित 30 लाख से अधिक पेज, 2 हजार से ज्यादा वीडियो और 1.8 लाख तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। इन दस्तावेजों में वर्ष 2013 के कुछ ईमेल ड्राफ्ट शामिल हैं, जिन्हें एपस्टीन ने खुद को लिखे थे। इन ड्राफ्ट ईमेल में एपस्टीन ने दावा किया है कि बिल गेट्स के रूसी लड़कियों के साथ संबंध थे, जिनके चलते उन्हें सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (STD) हो गया। एपस्टीन ने यह भी आरोप लगाया कि गेट्स ने कथित तौर पर एंटीबायोटिक्स की मांग की थी, ताकि वे अपनी तत्कालीन पत्नी मेलिंडा गेट्स को बिना बताए दवाएं दे सकें।
एक अन्य ड्राफ्ट ईमेल में एपस्टीन ने बिल गेट्स के सलाहकार बोरिस निकोलिक के नाम से इस्तीफे जैसा पत्र लिखा, जिसमें यह दावा किया गया कि उन्होंने गेट्स को कथित अवैध संबंधों के परिणामों से निपटने के लिए दवाएं दिलाने और मुलाकातों में मदद की। एपस्टीन ने यह भी आरोप लगाया कि गेट्स ने ईमेल डिलीट करने की कोशिश की और उनके साथ संबंध खत्म होने पर नाराजगी जताई। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि ये सभी दावे पूरी तरह असत्यापित हैं और केवल एपस्टीन के खुद लिखे गए नोट्स व ड्राफ्ट ईमेल पर आधारित हैं। इन आरोपों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Epstein Files Latest News: इन आरोपों पर बिल गेट्स ने कड़ा खंडन किया है। उनके प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि, “ये दावे पूरी तरह झूठे और निराधार हैं। ये दस्तावेज केवल इस बात को दर्शाते हैं कि एपस्टीन गेट्स से रिश्ता खत्म होने से नाराज था और उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा था।” बिल गेट्स पहले भी यह स्वीकार कर चुके हैं कि एपस्टीन से संपर्क रखना उनकी बड़ी गलती थी। उल्लेखनीय है कि जेफरी एपस्टीन ने 2019 में जेल में आत्महत्या कर ली थी, जब वह सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोपों का सामना कर रहा था।
बिल और मेलिंडा गेट्स का 2021 में तलाक हो चुका है। मेलिंडा ने तलाक के कारणों में गेट्स के अफेयर और एपस्टीन से संबंध का जिक्र किया था, हालांकि उन्होंने कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया। जारी की गई फाइलों में गेट्स और एपस्टीन की कुछ पुरानी तस्वीरें भी शामिल हैं, लेकिन न्याय विभाग ने साफ किया है कि इन तस्वीरों से किसी भी आपराधिक गतिविधि का निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।