हंगरी की आपत्ति के कारण रूस के खिलाफ नये प्रतिबंध पारित करने में विफल ईयू

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हंगरी की आपत्ति के कारण रूस के खिलाफ नये प्रतिबंध पारित करने में विफल ईयू

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  • Publish Date - February 24, 2026 / 12:01 AM IST,
    Updated On - February 24, 2026 / 12:01 AM IST

ब्रसेल्स, 23 फरवरी (एपी) यूरोपीय संघ (ईयू) सोमवार को आयोजित एक बैठक में हंगरी की अप्रत्याशित आपत्तियों के कारण रूस के खिलाफ नये प्रतिबंध पारित करने में विफल रहा। ईयू की विदेश नीति से जुड़े मामलों की प्रमुख काजा कलास ने यह जानकारी दी।

कलास ने कहा, “दुर्भाग्यवश हम 20वें प्रतिबंध पैकेज पर किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके। यह एक झटका है। यह एक ऐसा संदेश है, जो हम आज नहीं देना चाहते थे।”

यूरोपीय राजनयिक रूस-यूक्रेन युद्ध के चार साल पूरे होने से पहले मॉस्को के खिलाफ नये प्रतिबंध को अंतिम रूप देने और कीव के लिए बड़े पैमाने पर ऋण स्वीकृत करने के लिए ब्रसेल्स में एकजुट हुए थे।

हालांकि, वे हंगरी को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए रूस पर और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने तथा कीव की मदद के लिए ईयू के हालिया प्रयासों का समर्थन करने के वास्ते नहीं राजी कर सके।

हंगरी को ईयू में रूस के प्रति सबसे ज्यादा झुकाव रखने वाला सदस्य देश माना जाता है। उसने रूस के खिलाफ प्रतिबंधों के साथ-साथ यूक्रेन को अगले दो साल तक उसकी सैन्य एवं आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए दिए जाने वाले 106 अरब अमेरिकी डॉलर के ऋण को बाधित करने की धमकी दी।

हंगरी ने स्पष्ट किया कि वह तब तक अपने रुख पर कायम रहेगा, जब तक हंगरी को रूसी तेल की आपूर्ति फिर से शुरू नहीं हो जाती।

हंगरी और स्लोवाकिया को रूस से कच्चे तेल की आपूर्ति 27 जनवरी से बाधित है। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि रूस के ड्रोम हमलों में द्रुझबा पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने के कारण हंगरी और स्लोवाकिया को रूसी तेल की आपूर्ति ठप पड़ गई है। यह पाइपलाइन रूसी कच्चे तेल की यूक्रेनी क्षेत्र से होते हुए मध्य यूरोप तक आपूर्ति करती है।

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को बर्लिन में यूक्रेन के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में “(रूस-यूक्रेन) युद्ध के चार वर्षों को भयावह वर्ष” करार दिया।

उन्होंने कहा, “मैं अपने यूरोपीय साझेदारों से एक बार फिर अपील करता हूं- यूक्रेन के लिए अपना समर्थन, हमारा साझा समर्थन, जारी रखें। हम एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जिसपर हमारे पूरे महाद्वीप की भलाई टिकी हुई है।”

पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि “यूक्रेन को समर्थन देना जारी रखने का हमारा संकल्प अटूट है।”

उन्होंने फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब से मुलाकात की, जो यूक्रेन के एक अन्य कट्टर समर्थक हैं। स्टब ने यूरोपीय सहयोगियों से आर्थिक प्रतिबंधों के जरिये रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर युद्ध समाप्त करने का दबाव बढ़ाने का आग्रह किया।

एपी पारुल सुरेश

सुरेश