लंदन, पांच जून (एपी) ब्रिटेन की सार्वजनिक व्यय पर निगरानी रखने वाली संस्था की शुक्रवार को जारी शाही परिवार की संपत्तियों की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व प्रिंस एंड्रयू ने शाही संपदा में तीन कॉटेज किराये पर देकर पैसा कमाया, जहां वह दो दशक तक बिना किराए के रहे थे।
इसमें यह भी बताया गया है कि उनकी बेटिया, प्रिंसेस बीट्राइस और प्रिंसेस यूजनी, किराए वाली महल की संपत्ति में रहती हैं, जिसका भुगतान उनके पिता के बड़े भाई महाराजा चार्ल्स तृतीय करते हैं।
‘नेशनल ऑडिट ऑफिस’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को विंडसर कैसल के पास अपने घर, रॉयल लॉज एस्टेट में कॉटेज को 20 साल से अधिक समय तक किराए पर देने से आय प्राप्त हुई।
साल 2003 में किए गए रॉयल लॉज के एक पट्टे से पता चलता है कि उन्होंने संपत्ति के लिए सिर्फ एक मामूली रकम अदा दी, जिसे “पेपरकॉर्न रेंट” के नाम से जाना जाता है। इस परिसर में 30 कमरों वाली एक हवेली और आठ कॉटेज शामिल हैं जिनमें से तीन को किसी और को किराये पर देने की अनुमति थी।
रिपोर्ट में आय की रिपोर्ट शामिल नहीं की गई थी। संसद की लोक लेखा समिति की पूर्व प्रमुख और हाउस ऑफ लॉर्ड्स में लेबर पार्टी की सदस्य मारग्रेट होज ने इस चूक को चिंताजनक बताया।
उन्होंने कहा, “यह चौंकाने वाली बात है कि नेशनल ऑडिट ऑफिस यह पता नहीं लगा पाया कि एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर ने अपनी किराए की संपत्ति से कितना पैसा कमाया।”
माउंटबेटन-विंडसर से उनकी शाही पदवी छीन लिए जाने और उन्हें उनके भाई तथा महाराजा चार्ल्स द्वारा रॉयल लॉज से निकाले जाने के बाद सांसदों के अनुरोध पर यह रिपोर्ट तैयार की गई। माउंटबेटन-विंडसन को यौन अपराधी दिवंगत जेफरी एप्स्टीन के साथ उनकी दोस्ती के बारे में पता चलने के बाद निकाला गया था।
माउंटबेटन-विंडसर इस साल की शुरुआत में पूर्वी ब्रिटेन में महाराजा के सैंड्रिंघम एस्टेट में चले गए थे।
उनका नाम जनवरी में अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए एप्स्टीन मामले के पन्नों में आया था।
माउंटबेटन-विंडसर को लंदन से करीब 100 मील (160 किलोमीटर) उत्तर में सैंड्रिंघम एस्टेट में बसने के बाद से सार्वजनिक रूप से बहुत कम देखा गया है। बृहस्पतिवार को एक कार में जाते हुए उनकी तस्वीर सामने आई जिसमें उनके चेहरे पर चोट का बड़ा निशान था।
‘द टाइम्स ऑफ लंदन’ ने बिना किसी सूत्र का हवाला दिए कहा कि यह चोट एक “गैर-गंभीर चिकित्सा स्थिति” की वजह से है।
एपी वैभव नरेश
नरेश