नई दिल्लीः ग्रीन हाउस गैसों (GHGs) के उत्सर्जन के कारण पर्यावरण पर प्रतिकुल असर पड़ रहा है। इसके कारण आने वाले दशकों में धरती के अंदर मौसम खराब हो सकता है। एक ताजा रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तरी अटलांटिक की जेट स्ट्रीम में जिस तरह से मौसम में परिवर्तन हुआ है, वह चिंता का विषय है। अगर ऐसा ही हाल रहा तो अटलांटिक जेट स्ट्रीम की पोजिशन प्राकृतिक रेंज से बाहर निकल जाएगी।
इस स्टडी में यह भी दावा किया गया है कि उत्तर अटलांटिका जेट स्ट्रीम आर्कटिक का चक्कर काटतीं वेस्टरली हवाओं का एक धागा है। इसे पोलर जेट भी कहते हैं। ऊंचाई पर चलने वाली हवाओं का उत्तरी अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के मौसम और जलवायु पर असर पड़ता है। दोनों जगहों पर सालाना बारिश और तापमान पर 10-50% के बीच असर होता है। अब तक इतिहास में इनकी स्थिति के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।