मीना (सऊदी अरब), 27 मई (एपी) दुनिया भर में ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाए जाने के बीच सऊदी अरब में हज यात्रा के दौरान बुधवार को बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों ने प्रतीकात्मक रूप से शैतान को कंकड़ मारे।
वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान सऊदी अरब के मीना में जायरीन “अल्लाहु अकबर” का उद्घोष करते हुए कंकड़ मार रहे थे।
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार शैतान ने अल्लाह की राह में अपने बेटे को कुर्बान करने जा रहे पैगंबर इब्राहिम को जिन-जिन जगहों पर बहकाकर रोकने का प्रयास किया था, उन जगहों पर कंकड़ मारे जाने को बुराई को अस्वीकार करने के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
मुजदलिफा में रातभर कंकड़ इकट्ठा करने के बाद बड़ी संख्या में तीर्थयात्री विशाल जमरात परिसर पहुंचे। इससे पहले मंगलवार को उन्होंने अराफात में इबादत की।
सऊदी अरब में हज यात्रा के अंतिम दिन ईद अल-अजहा मनाई जाती है जो अपने पुत्र की कुर्बानी देने की इब्राहिम की तत्परता की याद दिलाती है।
ईसाइयों और यहूदियों के बीच इब्राहिम को अब्राहम के नाम से जाना जाता है। इस त्योहार के दौरान मुसलमान आमतौर पर भेड़ या अन्य जानवरों की कुर्बानी देते हैं और मांस का कुछ हिस्सा गरीब लोगों में बांटते हैं।
हज यात्रा इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है, जो आर्थिक व शारीरिक रूप से सक्षम मुसलमान को जीवन में एक बार करनी अनिवार्य होती है।
शारीरिक रूप से कठिन मानी जाने वाली हज यात्रा इस वर्ष भीषण गर्मी में आयोजित की गई, जिसका असर कुछ तीर्थयात्रियों पर दिखाई दिया। मीना में तैनात चिकित्सा दल कई तीर्थयात्रियों का उपचार करते देखे गए।
कई लोग तेज धूप में अपने शरीर को ठंडा रखने के लिए सिर और चेहरे पर पानी डाल रहे थे, जबकि कई छाते लेकर चल रहे थे। कुछ लोग अपने बुजुर्ग रिश्तेदारों और प्रियजन को व्हीलचेयर पर बिठाकर भीड़ के बीच आगे बढ़ रहे थे।
सऊदी अरब के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा था कि विदेशों से 15 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं।
एपी जोहेब नरेश
नरेश