(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन, 21 जनवरी (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र ने ‘‘कभी भी अपनी क्षमता के अनुसार काम नहीं किया’’ और यदि उसने प्रभावी भूमिका निभायी होती तो गाजा के लिए गठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की जरूरत ही ना पड़ती।
ट्रंप ने संकेत दिए कि नवगठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ संयुक्त राष्ट्र का स्थान ले सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का गठन किया है जिसका उद्देश्य गाजा के पुनर्निर्माण में सहायता करना है।
ट्रंप से जब एक संवाददाता सम्मेलन में सवाल किया गया कि क्या वह चाहते हैं कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ संयुक्त राष्ट्र का स्थान ले तो ट्रंप ने कहा, ‘‘यह हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र बहुत मददगार साबित नहीं हुआ है। मैं संयुक्त राष्ट्र की क्षमताओं का बड़ा समर्थक हूं, लेकिन यह कभी अपनी पूरी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर पाया।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर मंगलवार को व्हाइट हाउस के एक प्रेसवार्ता में पत्रकारों से रूबरू हुए और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।
यह प्रेसवार्ता करीब 105 मिनट तक चली। ट्रंप ने कहा, ‘‘अमेरिका ने हाल ही में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का गठन किया है और मुझे लगता है कि यह वाकई शानदार साबित होने जा रहा है। अगर संयुक्त राष्ट्र ने अधिक कदम उठाए होते तो शायद इसकी जरूरत नहीं होती।’’
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में आठ युद्धों को सुलझाया, लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने किसी भी युद्ध में उनकी मदद नहीं की।
ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं उन्हें दोष नहीं दे रहा हूं। मैंने उन्हें मदद के लिए फोन नहीं किया, लेकिन मैंने राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों को एक साथ बैठाया, हमने सख्ती से बात की, आपसी सहमति बनाई और वे मुझे पसंद करने लगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र को उन सभी युद्धों को सुलझाना चाहिए था, जिन्हें मैंने सुलझाया। मैं उसका मदद के लिए कभी आह्वान नहीं किया। उन्हें वे प्रत्येक युद्ध सुलझाने चाहिए थे जो मैंने सुलझाया लेकिन उन्होंने वह नहीं किया। मेरा मानना है कि संयुक्त राष्ट्र को जारी रहने देना चाहिए, क्योंकि इसकी क्षमता बहुत अधिक है।’’
प्रेसवार्ता के दौरान ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा दोहराया कि उन्होंने आठ युद्धों को समाप्त कराया जिनमें भारत-पाकिस्तान, कोसोवो और सर्बिया, कांगो-रवांडा समेत अन्य संघर्ष शामिल हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित कई वैश्विक नेताओं को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। इसे संयुक्त राष्ट्र के प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जा रहा है, जो गाजा में स्थायी शांति लाने की दिशा में काम करेगा और “वैश्विक संघर्षों” के समाधान के लिए एक “साहसिक और नया दृष्टिकोण” अपनाएगा।
वहीं इस पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र हमेशा कई संगठनों के साथ सह-अस्तित्व में रहा है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के उप-प्रवक्ता फरहान हक ने सोमवार को कहा, ‘‘दुनिया भर में क्षेत्रीय संगठन, उप-क्षेत्रीय संगठन और विभिन्न रक्षा गठबंधन मौजूद हैं। इनमें से कुछ के साथ हमारे संबंध भी हैं।’’
हक ने कहा, ‘‘कुछ संगठनों के साथ हमारे ऐसे संबंध नहीं हैं। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ वास्तव में किस रूप में स्थापित होता है और उसका स्वरूप क्या होता है, यह देखने के बाद ही यह तय किया जा सकेगा कि उसके साथ हमारा किस तरह का संबंध होगा।’’
भाषा शोभना अमित
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