हेग, 17 मई (भाषा) भारत ने मीडिया की स्वतंत्रता में गिरावट और धार्मिक एवं अल्पसंख्यक अधिकारों के हनन के आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। भारत ने जोर देकर कहा है कि वह एक ‘जीवंत लोकतंत्र’ है, जो अपने सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है।
विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रोब जेटेन की ओर से भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में कथित गिरावट को लेकर चिंता जताए जाने की खबरों के संबंध में पूछे सवाल के जवाब में ये टिप्पणियां कीं।
जॉर्ज शनिवार शाम को एम्स्टर्डम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीदरलैंड की दो दिवसीय यात्रा के संबंध में मीडिया से बात कर रहे थे।
जॉर्ज ने कहा, ‘‘प्रश्न पूछने वाले की समझ की कमी के कारण हमें इस सवाल का सामना करना पड़ा। भारत 1.4 अरब लोगों का देश है- दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला राष्ट्र।’’
उन्होंने यह भी कहा कि भारत पांच हजार साल पुरानी सभ्यता का देश है।
जॉर्ज ने आरोपों का खंडन करते हुए भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषाई विविधता को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत को देखिए, यह कितना खूबसूरत है। दुनिया में कोई दूसरा देश नहीं है, जहां इतने धर्मों का उदय हुआ हो- हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म। इन सभी का भारत में उदय हुआ और आज भी फल-फूल रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि दुनिया के प्रमुख धर्मों को भारत में आश्रय मिला और यहां उनका प्रसार होता रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत शायद उन चंद देशों में से एक है, जहां यहूदी समुदाय को कभी किसी उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा। यही भारत की खूबसूरती है।’’
हाल में हुए विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए जॉर्ज ने कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है, जहां शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण इसकी प्रमुख विशेषता है।
उन्होंने कहा कि भारत ने लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता किए बिना आर्थिक सफलता हासिल की।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने गरीबी से निपटने के लिए हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया से गरीबी दूर की।’’
जॉर्ज ने कहा, ‘‘हम दुनिया की कुल आबादी के छठे हिस्से हैं, लेकिन दुनिया की समस्याओं का छठा हिस्सा नहीं हैं। यही भारत की खूबसूरती है, जो हमें गर्व से भर देती है। हर अल्पसंख्यक तबका यहाँ फलता-फूलता है।’’
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘जब हम आजाद हुए तब अल्पसंख्यक आबादी 11 फीसदी थी, आज यह 20 फीसदी से अधिक है।’’
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में सभी धर्मों के लोग खुशी-खुशी रहते हैं।
भाषा
खारी दिलीप
दिलीप