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Rahul Gandhi on NEET Controversy: नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद शिक्षा मंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया जाता।
NEET 2024:
पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द नहीं हुई। मंत्री ने इस्तीफ़ा नहीं दिया। CBI ने जांच बिठाई। एक कमेटी बनी।NEET 2026:
पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। मंत्री ने फिर इस्तीफ़ा नहीं दिया। CBI फिर जाँच कर रही है। एक और कमेटी बनेगी।मोदी जी, देश आपसे कुछ सवाल पूछ रहा है – जवाब…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 17, 2026
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि साल 2024 में नीट परीक्षा में पेपर लीक हुआ था, लेकिन परीक्षा रद्द नहीं की गई और न ही किसी मंत्री ने इस्तीफा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सीबीआई जांच शुरू हुई और एक कमेटी भी बनाई गई, लेकिन ठोस परिणाम सामने नहीं आए।
उन्होंने आगे कहा कि साल 2026 में एक बार फिर नीट पेपर लीक हुआ, जिसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी, लेकिन फिर भी शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया और जांच प्रक्रिया फिर से सीबीआई के हवाले कर दी गई। राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि हर बार कमेटी बनाई जाती है, लेकिन समस्या जस की तस बनी रहती है।
अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीन सीधे सवाल भी पूछे। उन्होंने पूछा कि बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं, सरकार इस गंभीर मुद्दे पर चुप क्यों है, और बार-बार असफल हो रहे शिक्षा मंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के 22 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और सरकार जवाबदेही से बच रही है।
राहुल गांधी ने एक अन्य पोस्ट में आरोप लगाया कि मोदी सरकार में जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था कमजोर है और एक तय पैटर्न के तहत काम किया जा रहा है, जिसमें पहले चुप्पी, फिर आरोपियों को संरक्षण और फिर सवाल उठाने वालों पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि 2024 में एनटीए के तत्कालीन महानिदेशक को हटाकर बाद में एक अन्य पद पर नियुक्त किया गया, जो सवालों के घेरे में है। राहुल गांधी ने कहा कि यह सरकार जवाबदेही से बचने वाली व्यवस्था चला रही है।
कांग्रेस नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मंत्री ने 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय किया है और संसद की समितियों की रिपोर्टों को भी नजरअंदाज किया गया है।
इसी बीच छात्र संगठनों द्वारा भी विरोध प्रदर्शन किया गया। शनिवार को एनएसयूआई के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने एनटीए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि शिक्षा मंत्री को बर्खास्त किया जाए और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को समाप्त किया जाए।