(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 11 अप्रैल (भाषा) ह्यूस्टन में बचपन में रॉकेट प्रक्षेपण देखकर प्रेरित होने वाले और बाद में राष्ट्रीय वैमानिकी एवं अंतरिक्ष प्रशासन (नासा) में अभियानों की कमान संभालने वाले भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक अमित क्षत्रिय ने उस अंतरिक्ष एजेंसी में अहम भूमिका निभाई है, जो अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने के मिशन पर काम कर रही है।
विस्कॉन्सिन में जन्मे क्षत्रिय नासा के सह प्रशासन के रूप में एजेंसी में सर्वोच्च रैंक वाले सिविल सेवक हैं और प्रशासक जैरेड इसाकमैन के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं।
क्षत्रिय एजेंसी के 10 केंद्र निदेशकों के साथ-साथ वाशिंगटन स्थित नासा मुख्यालय में मिशन निदेशालयों के सह प्रशासकों का नेतृत्व करते हैं। वह एजेंसी के मुख्य संचालन अधिकारी की भूमिका भी निभाते हैं।
क्षत्रिय के माता-पिता भारतीय मूल के हैं। क्षत्रिय ने कैलिफोर्निया के पासाडेना स्थित ‘कैलिफोर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ से गणित में बीएससी और ऑस्टिन स्थित टेक्सास विश्वविद्यालय से गणित में स्नातोकत्तर की डिग्री हासिल की है।
उनका जन्म विस्कॉन्सिन के ब्रुकफील्ड में हुआ था, लेकिन वह टेक्सास के ह्यूस्टन के उपनगर केटी को अपना गृह नगर मानते हैं।
अंतरिक्ष के प्रति क्षत्रिय की रुचि तब जगी, जब उन्होंने ह्यूस्टन में अंतरिक्ष प्रक्षेपण देखे। ह्यूस्टन में जॉनसन अंतरिक्ष केंद्र में नासा का मिशन नियंत्रण केंद्र स्थित है।
पढ़ाई पूरी करने के बाद तेल एवं गैस उद्योग और चिकित्सा क्षेत्र में कुछ समय काम करने के बाद वह 2003 में ‘यूनाइटेड स्पेस अलायंस’ से जुड़े।
क्षत्रिय सॉफ्टवेयर इंजीनियर, रोबोटिक्स इंजीनियर और अंतरिक्ष यान ऑपरेटर के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के रोबोटिक संयोजन पर ध्यान केंद्रित किया।
वह 2014 से 2017 तक अंतरिक्ष स्टेशन के उड़ान निदेशक रहे और 2017 से 2021 तक वह आईएसएस यान कार्यालय के उप प्रबंधक और फिर कार्यवाहक प्रबंधक बने।
क्षत्रिय को 2021 में नासा मुख्यालय में ‘एक्सप्लोरेशन सिस्टम्स डेवलपमेंट मिशन डायरेक्टरेट’ (ईएसडीएमडी) के सहायक उप सह प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया। वहां वह उस टीम का अहम हिस्सा रहे जिसने आर्टेमिस-1 मिशन के दौरान मनुष्यों को चंद्रमा तक ले जाने के लिए तैयार अंतरिक्ष यान को वापस लाने का काम किया।
क्षत्रिय ‘मून टू मार्स’ कार्यक्रम के उप सह प्रशासक भी रहे हैं।
क्षत्रिय को पिछले साल सितंबर में नासा का सह प्रशासक नियुक्त किया गया था।
उन्हें अंतरिक्ष स्टेशन के 50वें अभियान के प्रमुख उड़ान निदेशक के रूप में नासा का ‘उत्कृष्ट नेतृत्व पदक’ दिया गया।
अंतरिक्ष एजेंसी की वेबसाइट के अनुसार, क्षत्रिय को ‘सिल्वर स्नूपी’ सम्मान भी मिला है। यह पुरस्कार उड़ान सुरक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
भाषा सिम्मी नेत्रपाल
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