भारतीय उच्चायुक्त ने सिख अलगाववादी नेता की हत्या के संबंध में कनाडा के पुराने आरोपों को किया खारिज

भारतीय उच्चायुक्त ने सिख अलगाववादी नेता की हत्या के संबंध में कनाडा के पुराने आरोपों को किया खारिज

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  • Publish Date - January 14, 2026 / 07:59 PM IST,
    Updated On - January 14, 2026 / 07:59 PM IST

ओटावा, 14 जनवरी (भाषा) भारतीय उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने सिख अलगाववादी नेता की हत्या के तार नयी दिल्ली से जोड़ने संबंधी कनाडा के पुराने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला चार व्यक्तियों के विरूद्ध है, न कि भारत सरकार के खिलाफ।

मंगलवार को ‘सीबीसी न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में पटनायक ने इस बात को भी रेखांकित किया कि एअर इंडिया बम विस्फोट की जांच से अभी तक कुछ भी हासिल नहीं हुआ है और इस मामले में एक भी व्यक्ति को दोषी नहीं करार दिया गया है, जबकि नयी दिल्ली पिछले 40 वर्षों से कनाडा में आतंकवाद के बारे में बात कर रही है।

भारत और कनाडा के बीच संबंध उस वक्त तनावपूर्ण हो गए थे, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सितंबर 2023 में आरोप लगाया कि उस वर्ष 18 जून को सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘‘संभवत:’’ संलिप्तता थी।

भारत ने 2020 में निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था और इन आरोपों को ‘‘बेतुका’’ और ‘‘प्रेरित’’ बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था।

हाल के महीनों में दोनों देशों ने अपने संबंधों को सामान्य बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कई तंत्र को बहाल करने पर भी सहमति जताई है।

पटनायक से पूछा गया कि ट्रूडो के आरोपों के बाद एक साल से अधिक के ‘अंतराल’ को दोनों देश कैसे पार करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘अच्छा, सबूत कहां है? आप हर बार विश्वसनीय जानकारी होने की बात कहते रहते हैं, क्या वह ठीक है।’’

भारतीय राजनयिक ने कहा, ‘‘हम हमेशा से कहते आए हैं कि यह बेतुका और हास्यास्पद है। हम ऐसा नहीं करते। इन आरोपों का कोई सबूत नहीं है। आरोप लगाना हमेशा आसान होता है।’’

पटनायक ने यह भी कहा कि एअर इंडिया बम विस्फोट (जून 1985) की जांच से अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है। उन्होंने कहा, ‘‘जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं हुआ है। हम पिछले 40 सालों से कनाडा में आतंकवाद की बात कर रहे हैं। इस बारे में किसी ने क्या किया है? एक भी व्यक्ति को दोषी नहीं करार दिया गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरे में एक मुकदमा चल रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह मामला चार व्यक्तियों के खिलाफ है। भारत सरकार के खिलाफ कोई मामला नहीं है। भारत सरकार इस तरह की कार्रवाई कभी नहीं करती… कभी नहीं।’’

उन्होंने कहा कि अगर कनाडा सबूत उपलब्ध कराता है तो भारत कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमें आपसे सबूत चाहिए, तभी हम कार्रवाई कर पाएंगे।’’

पटनायक ने एक बार फिर कहा कि कनाडा केवल सूचना दे रहा है, कोई सबूत नहीं। उन्होंने ऐसे कई मामलों के उदाहरण दिए, जिनमें भारत द्वारा दी गई पूर्व सूचना पर कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन बाद में वह सही साबित हुई।

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप हम पर आरोप लगाते हैं, तो यहां होता यह है कि… मेरे आरोपों के लिए सबूत चाहिए, आपके आरोपों के लिए सबूत नहीं चाहिए?’’

उच्चायुक्त ने कहा, ‘‘जब मैं आप पर आरोप लगाता हूं और आप कहते हैं, ‘सबूत पर्याप्त नहीं हैं’, तो मैं इससे सहमत होता हूं। और मैं कहता हूं, ‘हां, आप कह रहे हैं कि सबूत पर्याप्त नहीं हैं, जब मुझे सबूत मिलेंगे, तो मैं आपको दे दूंगा’।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप मुझ पर आरोप लगाते हैं, और मैं आपसे कहता हूं, ‘सबूत पर्याप्त नहीं हैं’, तो कृपया इसे उसी तत्परता से स्वीकार करें जिस तरह आपने लगाया है।’’

साक्षात्कार लेने वाले ने जब यह कहा, ‘यह भारत की गतिविधियों के बारे में है। यह भारत सरकार के बारे में आरोपों के बारे में है’’, तो पटनायक ने कहा कि भारत सरकार कभी ऐसा कुछ नहीं करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर भारत सरकार में ऐसे लोग हैं जिन्होंने ऐसा किया है, और आप हमें सबूत देते हैं, तो हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हमने कभी भी इसके उलट कुछ नहीं कहा है।’’

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश