रूस को अवैध रूप से विमानन पुर्जे निर्यात करने के आरोप में भारतीय नागरिक को 30 महीने की जेल

रूस को अवैध रूप से विमानन पुर्जे निर्यात करने के आरोप में भारतीय नागरिक को 30 महीने की जेल

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  • Publish Date - January 17, 2026 / 11:42 AM IST,
    Updated On - January 17, 2026 / 11:42 AM IST

(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, 17 जनवरी (भाषा) अमेरिका में 58 वर्षीय एक भारतीय नागरिक को नियंत्रित विमानन पुर्जों के ओरेगन से रूस तक अवैध निर्यात की साजिश रचने के मामले में ढाई साल की जेल की सजा सुनाई गई है।

इस सप्ताह की शुरुआत में सुनाए गए फैसले में ओरेगन के अमेरिकी अटॉर्नी स्कॉट ब्रैडफोर्ड ने कहा कि संजय कौशिक के कृत्य जानबूझकर किए गए और मुनाफे के उद्देश्य से प्रेरित थे।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बार-बार किए गए लेन-देन, भारी मुनाफे और प्रतिबंधित रूसी संस्थाओं समेत विदेशी सह-साजिशकर्ताओं के साथ समन्वय से जुड़ी एक सुनियोजित, लाभ-प्रेरित योजना थी। इस आरोपी ने कई मौकों पर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लिए अहम सुरक्षा उपायों को अपने निजी लाभ के लिए कमजोर करने की कोशिश की।’’

अदालत ने दिल्ली निवासी कौशिक को निर्यात नियंत्रण सुधार अधिनियम का उल्लंघन कर नियंत्रित विमानन पुर्जे तथा नेविगेशन व उड़ान नियंत्रण प्रणाली रूस में अंतिम उपयोगकर्ताओं को निर्यात करने की साजिश रचने के लिए 30 महीने की संघीय जेल और 36 महीने नजरबंद रखने की सजा सुनाई।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन आइजनबर्ग ने कहा, ‘‘जो लोग अमेरिकी निर्यात नियंत्रण कानूनों को दरकिनार करने की साजिश रचते हैं खासकर जब इसमें सैन्य उपयोग वाली तकनीक शामिल हो, तो उन पर सख्त कानून के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।’’

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, सितंबर 2023 की शुरुआत से कौशिक ने दूसरों के साथ मिलकर रूस की संस्थाओं के लिए अमेरिका से एयरोस्पेस सामान और प्रौद्योगिकी अवैध रूप से हासिल करने की साजिश रची।

न्याय विभाग के अनुसार, इन वस्तुओं को इस बहाने खरीदा गया कि वे कौशिक और उसकी भारतीय कंपनी के लिए हैं, जबकि वास्तव में वे रूस में अंतिम उपयोगकर्ताओं को भेजी जानी थीं।

कौशिक ने रूस में अंतिम उपयोगकर्ताओं को असैन्य और सैन्य दोनों तरह के उपयोग वाले निर्यात-नियंत्रित विमानन पुर्जे बेचने की साजिश के एक आरोप में अपना अपराध पिछले वर्ष अक्टूबर में स्वीकार कर लिया था।

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी