दक्षिण सूडान में तैनात भारतीय महिला शांति सैनिक को संयुक्त राष्ट्र का पुरस्कार

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दक्षिण सूडान में तैनात भारतीय महिला शांति सैनिक को संयुक्त राष्ट्र का पुरस्कार

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  • Publish Date - January 14, 2026 / 11:05 AM IST,
    Updated On - January 14, 2026 / 11:05 AM IST

( योषिता सिंह )

संयुक्त राष्ट्र, 13 जनवरी (भाषा) दक्षिण सूडान में तैनात एक भारतीय महिला शांति सैनिक को लैंगिक समावेशन पर आधारित एक परियोजना के लिए संयुक्त राष्ट्र का पुरस्कार प्रदान किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र दक्षिण सूडान मिशन (यूएनएमआईएसएस) में सेवारत 31 वर्षीय मेजर स्वाति शांति कुमार को उनकी परियोजना ‘इक्वल पार्टनर्स, लास्टिंग पीस’ में लैंगिक समावेशी दृष्टिकोण के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कुमार को बधाई देते हुए कहा, “यूएनएमआईएसएस में अनोखी लैंगिक समावेशी परियोजना का नेतृत्व करने के लिए संरा महासचिव द्वारा पुरस्कृत किए जाने पर बधाई।”

दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने भी कुमार को बधाई देते हुए कहा कि वह अपनी यूएनएमआईएसएस शांति सैनिक पर “गर्व” महसूस करता है।

यूएनएमआईएसएस के दिसंबर में प्रकाशित एक लेख में दक्षिण सूडान में तैनाती के दौरान वहां की महिलाओं से संवाद स्थापित करने के कुमार के प्रयासों को रेखांकित किया गया है।

लेख में कुमार के हवाले से कहा गया, “महिलाएं विशेष रूप से हिचकिचा रही थीं। भारत की ओर से तैनात यह पहली महिला सहभागिता टीम थी, इसलिए वे वर्दी में महिलाओं को देखने की अभ्यस्त नहीं थीं।”

उन्होंने कहा कि शुरुआती चुनौतियों के बावजूद “हम लगातार प्रयास करते रहे, आवश्यक स्वास्थ्य किट वितरित कीं और धीरे-धीरे स्थानीय समुदायों की महिलाओं ने हम पर अधिक भरोसा करना शुरू किया।”

कुमार ने कहा, “हमारी पहली गश्त के दौरान महिलाएं हमसे बिल्कुल बात नहीं कर रही थीं। अब वे स्वयं हमारे पास आकर अपनी कहानियां साझा कर रही हैं और आप सचमुच उनकी चिंताओं पर बात करने के बाद उनके चेहरे पर राहत देख सकते हैं।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि दक्षिण सूडान की महिलाएं “मजबूत हैं और अपने समुदायों का नेतृत्व करने में सक्षम हैं। यदि वे अपनी चुनौतियों से पार पा लें, तो शांति स्थापित करने की दिशा में वे प्रमुख शक्ति बन सकती हैं।”

भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में वर्दीधारी कर्मियों का सबसे बड़ा योगदान देने वाले देशों में शामिल है और वर्तमान में विश्वभर में संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में उसके 5,300 से अधिक सैन्य और पुलिस कर्मी तैनात हैं।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव