सुरक्षा संबंधी मुद्दों से निपटने के लिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान के बीच संस्थागत तालमेल जरूरी: राजदूत

सुरक्षा संबंधी मुद्दों से निपटने के लिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान के बीच संस्थागत तालमेल जरूरी: राजदूत

सुरक्षा संबंधी मुद्दों से निपटने के लिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान के बीच संस्थागत तालमेल जरूरी: राजदूत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:25 pm IST
Published Date: December 24, 2021 8:49 pm IST

इस्लामाबाद, 24 दिसंबर (भाषा) अफगानिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत मंसूर अहमद खान ने पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान के बीच संस्थागत समन्वय की वकालत करते हुए संबंधित संस्थानों से किसी संभावित सुरक्षा संबंधी मुद्दे से द्विपक्षीय तरीके से निपटने का आग्रह किया। एक खबर में यह दावा किया गया।

खान ने बृहस्पतिवार को डॉन अखबार से कहा, ‘‘हम अफगानिस्तान की सरकार के साथ पूरी तरह संपर्क में हैं और हम चाहते हैं कि दोनों देश आतंकवाद निरोधक कार्रवाई से संबंधित मुद्दों पर एक दूसरे के साथ स्वतंत्रता से संपर्क करें।’’

जब खान का ध्यान इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों की परिषद द्वारा पारित एक प्रस्ताव की ओर खींचा गया तो उन्होंने कहा कि आतंकवाद निरोधक कार्रवाई प्रस्ताव का अहम हिस्सा है। प्रस्ताव में अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से मांग की गयी है कि प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट, अल-कायदा और दाएश के खिलाफ कदम उठाये जाएं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सोचते हैं कि अफगान सरकार दाएश के खिलाफ गंभीरता से कदम उठा रही है।’’

टीटीपी के संदर्भ में खान ने दोहराया कि अफगान सरकार ने आश्वासन दिया था कि किसी समूह को अफगानिस्तान की सरजमीं का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘उसी वक्त उन्होंने पाकिस्तान को भी सलाह दी है कि सुलह और बातचीत की दिशा में आगे बढ़ें। बातचीत हुई भी और अब कुछ समस्याएं हैं लेकिन हमें उम्मीद है कि सरकार सावधानी से आगे की दिशा में बढ़ेगी।’’

जब पूछा गया कि क्या पाकिस्तान ने देश में टीटीपी के बढ़ते हमलों के विषय को तालिबान सरकार के साथ उठाया है, इस पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान विरोधी एजेंडा वाले समूहों ने पाकिस्तान की सीमा के पास पनाहगाह बना ली हैं।

राजदूत ने कहा कि नयी सरकार ने सार्वजनिक रूप से वादा किया था कि वह टीटीपी या अन्य समूहों को पाकिस्तान के खिलाफ गतिविधियां नहीं चलाने देगी। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद ने समस्या के शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तानी सरकार लक्ष्य प्राप्ति के लिहाज से कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।’’

भाषा वैभव दिलीप

दिलीप


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