दुबई, 20 जनवरी (एपी) ईरान में करीब दो सप्ताह से इंटरनेट सेवाएं बंद रहने के कारण लोग देश-दुनिया से तो कट ही गए हैं, ऑनलाइन विज्ञापन पर निर्भर कई व्यवसाय भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
इस्लामी गणराज्य के इतिहास में इंटरनेट सेवाओं पर यह सबसे लंबे समय तक और सर्वाधिक व्यापक पाबंदी है।
देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के चलते आठ जनवरी को अधिकारियों ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई क्रूर कार्रवाई में 4,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग पूरी तरह से कट गया है और हाल के दिनों में केवल कुछ घरेलू वेबसाइटों के लिए ही कनेक्टिविटी बहाल की गई है।
अधिकारियों ने इंटरनेट सेवाएं बहाल करने के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई है, जिससे देश भर के व्यवसायों में भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।
तेहरान में पालतू जानवरों की एक दुकान के मालिक ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के बाद से उनका कारोबार 90 तक घट गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे पहले, मैं मुख्य रूप से इंस्टाग्राम और टेलीग्राम का उपयोग करता था, जो अब नहीं कर पा रहा हूं। सरकार ने दो घरेलू विकल्प प्रस्तावित किए हैं। समस्या यह है कि हमारे ग्राहक उन प्लेटफॉर्म पर नहीं हैं और वे उनका उपयोग नहीं करते हैं।’’
इंटरनेट बंद होने से ईरानियों की आर्थिक परेशानियां और बढ़ गई हैं। अधिकारियों द्वारा किए गए दमन के चलते अब ये प्रदर्शन धीमे पड़ने लगे हैं। ये प्रदर्शन 28 दिसंबर को ईरान की मुद्रा रियाल के 1 अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 लाख से अधिक हो जाने के विरोध में शुरू हुए थे।
दस साल पहले, रियाल का भाव प्रति अमेरिकी डॉलर 32,000 था। 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले, यह 70 अमेरिकी डॉलर था।
रियाल के लगातार गिरते मूल्य ने मुद्रास्फीति को बढ़ा दिया, जिससे भोजन और अन्य दैनिक आवश्यक वस्तुओं की लागत में वृद्धि हुई। दिसंबर में पेट्रोल की कीमतों में बदलाव ने ईरानियों की जेब पर दबाव और बढ़ा दिया, जिसने लोगों में आक्रोश को हवा दी।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी उप मंत्री एहसान चिट्साज़ के हवाले से कहा कि इंटरनेट बंद होने से ईरान को प्रतिदिन 28 से 43 लाख अमेरिकी डॉलर का नुकसान हो रहा है।
हालांकि, ईरानी अर्थव्यवस्था को होने वाला वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक हो सकता है। इंटरनेट निगरानी संगठन नेटब्लॉक्स का अनुमान है कि ईरान में इंटरनेट बंद होने के कारण प्रत्येक दिन देश को 3.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक का नुकसान हो रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न विश्वविद्यालय में व्याख्याता डारा कॉन्डिट ने जून में डेमोक्रैटाइजेशन पत्रिका में प्रकाशित एक लेख में लिखा था कि अकेले 2021 में, एक सरकारी अनुमान के अनुसार ईरानी व्यवसायों ने सोशल मीडिया साइटों से सालाना 83.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक की बिक्री की।
इस बीच, न्यायपालिका की समाचार एजेंसी मिज़ान ने मंगलवार को बताया कि तेहरान में अभियोजकों ने उन 60 साइबर कैफे की संपत्ति जब्त करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन पर विरोध प्रदर्शनों में भूमिका निभाने का आरोप है।
इसके अलावा, इसने खिलाड़ियों, सिनेमा जगत की हस्तियों और अन्य लोगों की संपत्ति जब्त करने की योजना की भी घोषणा की। अन्य रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान और शिराज के कुछ साइबर कैफे अधिकारियों द्वारा बंद कर दिए गए हैं।
इंटरनेट बंद होने से ही केवल कारोबार को नुकसान नहीं हो रहा है। विरोध प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई और उसके बाद कथित तौर पर की गईं 26,000 गिरफ्तारियों ने भी उपभोक्ताओं के मनोबल को गिरा दिया है।
ईरान की राजधानी में कई दुकानें और रेस्तरां खुले हैं, लेकिन उनमें से कई खाली दिख रहे हैं क्योंकि ग्राहक मुख्य रूप से किराने का सामान खरीदने पर ध्यान दे रहे हैं और अन्य चीजें नहीं खरीद रहे हैं।
एपी सुभाष अविनाश
अविनाश