ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता: राष्ट्रपति ट्रंप

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ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता: राष्ट्रपति ट्रंप

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  • Publish Date - February 28, 2026 / 04:13 PM IST,
    Updated On - February 28, 2026 / 04:13 PM IST

वेस्ट पाम बीच (अमेरिका), 28 फरवरी (भाषा) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किए गए आठ मिनट के वीडियो में कहा कि अमेरिका ने “ईरान में बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान शुरू कर दिया है”।

उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को विकसित करना जारी रखा है और अमेरिका तक मार करने में सक्षम मिसाइलों को विकसित करने की योजना बना रहा है। ट्रंप ने ईरानी लोगों से “अपनी सरकार पर नियंत्रण हासिल करने” की अपील की।

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि कुछ समय पहले, अमेरिकी सेना ने ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किए। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य ईरानी शासन से उत्पन्न होने वाले सभी खतरों को समाप्त करके अमेरिकी जनता की रक्षा करना है।”

उन्होंने कहा, “ईरानी शासन 47 वर्षों से ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगा रहा है और अमेरिका, हमारे सैनिकों और कई देशों में निर्दोष लोगों को निशाना बनाकर रक्तपात और सामूहिक हत्या का एक अंतहीन अभियान चला रहा है।”

ट्रंप ने कहा, “शासन के शुरुआती कृत्यों में से एक तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर हिंसक कब्जे का समर्थन करना था, जिसमें दर्जनों अमेरिकी नागरिकों को 444 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। 1983 में, ईरान के समर्थकों ने बेरूत में मरीन बैरक पर बमबारी की, जिसमें 241 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए।”

राष्ट्रपति ने कहा, “वर्ष 2000 में वे यूएसएस कोल पर हुए हमले के बारे में जानते थे और संभवतः उसमें शामिल भी थे। कई लोग मारे गए। ईरानी सेना ने इराक में सैकड़ों अमेरिकी सैनिकों को मार डाला और घायल कर दिया।”

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में, (ईरानी) शासन के समर्थकों ने पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सेनाओं के साथ-साथ अमेरिकी नौसेना और वाणिज्यिक जहाजों और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लाइनों के खिलाफ अनगिनत हमले जारी रखे हैं। यह बड़े पैमाने पर आतंक फैला रहा है, और हम इसे अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे।

लेबनान से लेकर यमन और सीरिया से लेकर इराक तक, ईरानी शासन ने आतंकवादी मिलिशियाओं को हथियारबंद करने के साथ उनको प्रशिक्षित और वित्त पोषित किया है, जिन्होंने धरती को खून और हिंसा से लथपथ कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के सहयोगी संगठन हमास ने ही सात अक्टूबर को इजराइल पर भयावह हमले किए, जिसमें 46 अमेरिकियों सहित 1,000 से अधिक निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई और हमारे 12 नागरिकों को बंधक बना लिया गया। यह बेहद क्रूर था, ऐसा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा था।

ईरान दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवाद प्रायोजक देश है, और उसने हाल ही में विरोध प्रदर्शन कर रहे अपने ही हजारों नागरिकों को सड़कों पर मार डाला। उन्होंने कहा, “अमेरिका की, विशेष रूप से मेरे प्रशासन की, हमेशा से यही नीति रही है कि यह आतंकवादी शासन कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता।”

ट्रंप ने कहा, “मैं फिर से दोहराता हूं, वे कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकते। इसीलिए पिछले जून में ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत हमने फोर्ट डो, नतान्ज और इस्फहान में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट कर दिया था। उस हमले के बाद, हमने उन्हें चेतावनी दी कि वे परमाणु हथियार बनाने की अपनी दुर्भावनापूर्ण कोशिश को दोबारा शुरू न करें, और हमने बार-बार उनसे समझौता करने का आग्रह किया। हमने कोशिश की…।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “उन्होंने अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को त्यागने के हर अवसर को ठुकरा दिया है, और हम इसे अब और बर्दाश्त नहीं कर सकते।”

उन्होंने कहा, “इन्हीं कारणों से, अमेरिका की सेना इस बेहद दुष्ट, कट्टरपंथी तानाशाही को अमेरिका और हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के लिए खतरा बनने से रोकने के वास्ते एक विशाल और निरंतर अभियान चला रही है। हम उनकी मिसाइलों को नष्ट कर देंगे और उनके मिसाइल उद्योग को पूरी तरह से ध्वस्त कर देंगे।”

उन्होंने कहा, “इसे फिर से पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा। हम उनकी नौसेना को पूरी तरह से मिटा देंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस क्षेत्र के आतंकवादी गुट अब इस क्षेत्र या दुनिया को अस्थिर न कर सकें और हमारी सेनाओं पर हमला न कर सकें…।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर पाए। यह बहुत ही सीधा संदेश है। उन्हें कभी भी परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे।”

उन्होंने कहा, “मेरा प्रशासन इस क्षेत्र में अमेरिकी कर्मियों के लिए जोखिम को कम करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। मैं यह बात हल्के में नहीं कह रहा हूं कि ईरानी शासन हत्या करने की मंशा रखता है। वीर अमेरिकी नायकों के प्राण जा सकते हैं, और हमें भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। युद्ध में ऐसा अक्सर होता है। लेकिन हम यह सब अभी के लिए नहीं कर रहे हैं। हम यह भविष्य के लिए कर रहे हैं। और यह एक महान मिशन है। हम प्रत्येक सैन्यकर्मी के लिए प्रार्थना करते हैं क्योंकि वे निस्वार्थ भाव से अपनी जान जोखिम में डालकर यह सुनिश्चित करते हैं कि अमेरिकियों और हमारे बच्चों को परमाणु हथियारों से लैस ईरान से कभी खतरा न हो।”

ट्रंप ने कहा, “इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड, सशस्त्र बलों और सभी पुलिसकर्मियों से मैं आज रात कहता हूं कि आपको अपने हथियार डाल देने चाहिए और आपको पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाएगी। अन्यथा, निश्चित मृत्यु का सामना करना पड़ेगा। इसलिए, अपने हथियार डाल दें। आपके साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाएगा और आपको पूर्ण सुरक्षा दी जाएगी, अन्यथा आपको निश्चित मृत्यु का सामना करना पड़ेगा।”

उन्होंने कहा, “अंत में, ईरान के महान और गौरवशाली लोगों से मैं आज रात कहता हूं कि आपकी स्वतंत्रता का समय निकट आ गया है। सुरक्षित रहें। घर से बाहर न निकलें। बाहर बहुत खतरा है। हर जगह बम गिरेंगे। जब हमारा काम पूरा हो जाए, तो अपनी सरकार पर कब्जा कर लें। यह पूरी तरह आपकी होगी। शायद पीढ़ियों तक यही आपका एकमात्र मौका होगा।”

एपी

प्रशांत संतोष

संतोष