होर्मुज जलडमरुमध्य को बंद रखने पर अड़ा ईरान, चंद दिनों में खत्म हो जाएगी युद्धविराम की अवधि

Ads

होर्मुज जलडमरुमध्य को बंद रखने पर अड़ा ईरान, चंद दिनों में खत्म हो जाएगी युद्धविराम की अवधि

  •  
  • Publish Date - April 19, 2026 / 06:00 PM IST,
    Updated On - April 19, 2026 / 06:00 PM IST

काहिरा, 19 अप्रैल (एपी) ईरान ने अपने बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रहने तक होर्मुज जलडमरुमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर रोक लगाने के फैसले पर और कड़ा रुख अपना लिया है।

अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान के कड़े रुख के बीच मध्यस्थ युद्धविराम की अवधि बढ़वाने की कोशिश कर रहे हैं, जो बुधवार को खत्म हो जाएगी।

नाकेबंदी के कारण पाकिस्तान की मध्यस्थता में हो रही कोशिशें जटिल हो गई हैं और अब सवाल खड़ा हो गया है कि दो हफ्ते का संघर्षविराम आगे बढ़ पाएगा या नहीं।

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने शनिवार देर रात सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक साक्षात्कार में कहा, “जब हमारे खुद के जहाज होर्मुज जलडमरुमध्य से नहीं गुजर सकते तो दूसरों को भी इस रास्ते से गुजरने देना असंभव है।”

अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान के मुख्य वार्ताकार गालिबाफ ने अमेरिकी नाकाबंदी को “अज्ञानता के कारण लिया गया एक नासमझी भरा फैसला” बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अब भी शांति चाहता है, लेकिन अमेरिका पर गहरा अविश्वास बना हुआ है।

गालिबाफ ने कहा, “अभी भी बड़े मतभेद बरकरार हैं, और कुछ बुनियादी मुद्दे अब तक हल नहीं हुए हैं।”

इजराइल और ईरान समर्थित हिज्बुल्ला समूह के बीच लेबनान में 10 दिन का युद्धविराम शुक्रवार से लागू होने के बाद ईरान ने घोषणा की थी कि वह होर्मुज जलडमरुध्य फिर से खोलेगा। लेकिन इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकेबंदी तब तक “पूरी तरह लागू रहेगी” जब तक तेहरान अमेरिका के साथ कोई समझौता नहीं कर लेता।

इसके जवाब में ईरान ने कहा कि वह होर्मुज जलडमरुमध्य में अपनी पाबंदियां जारी रखेगा।

शनिवार को कुछ समय के लिए जहाजों की आवाजाही बढ़ी लेकिन बाद में फारस की खाड़ी में जहाज अपनी जगह पर ही रुके रहे। वे सतर्क थे क्योंकि भारत के झंडे वाले दो जहाजों पर रास्ते में हमला किया गया था और उन्हें वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा था।

एपी जोहेब नरेश

नरेश

नरेश