Vande Bharat: जंग की आग..’बारुदी’ इंतकाम’! क्या UN दखल देगा? या ये आग पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लेगी?

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Israel-Iran War Latest News: जंग की आग..'बारुदी' इंतकाम'! क्या UN दखल देगा? या ये आग पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लेगी?

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  • Publish Date - March 2, 2026 / 11:26 PM IST,
    Updated On - March 2, 2026 / 11:27 PM IST

Israel-Iran War | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • सऊदी अरब की रास तनूरा रिफाइनरी पर हमला
  • इजराइल के खिलाफ रॉकेट हमले, दो मोर्चों वाली जंग शुरू
  • स्कूल पर मिसाइल हमले में 180 छात्राओं सहित 555 लोगों की मौत

नई दिल्ली: Israel-Iran War दुनिया की धड़कनें रुकी हुई हैं। नक्शे पर खिंची लकीरें अब खून से रंगी जा रही हैं। 28 फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद जो चिंगारी सुलगी थी, आज तीसरे दिन वो विश्व युद्ध की दहलीज पर खड़ी है। ईरान ने न केवल इजराइल, बल्कि पूरी दुनिया की ‘एनर्जी सप्लाई’ पर सीधा प्रहार कर दिया है। सऊदी अरब के रास तनूरा से उठता धुआं केवल एक रिफाइनरी का जलना नहीं है, बल्कि ग्लोबल इकोनॉमी की तबाही का संकेत है।

Israel-Iran War ये हमला मामूली नहीं है। सऊदी अरामको की रास तनूरा रिफाइनरी, जो दुनिया के सबसे बड़े ऑफशोर ऑयल लोडिंग टर्मिनल्स में से एक है, अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है। ईरान ने यहां की 6 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता को ठप कर दिया है। अमेरिका से लेकर यूरोप और एशिया के बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में आग लगनी तय है। ये हमला ग्लोबल सप्लाई चेन को तोड़ने की ईरान की सोची-समझी रणनीति है।

जंग अब त्रिकोणीय नहीं रही ईरान ने अपना दायरा बढ़ा दिया है। कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सैन्य ठिकानों और शहरों पर आज फिर मिसाइलें गिरी हैं। खाड़ी के वो देश जो अब तक शांति की उम्मीद कर रहे थे, आज ईरान के निशाने पर है। उधर, अमेरिका को भी बड़ा झटका लगा है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि आज सुबह कई अमेरिकी लड़ाकू विमान तकनीकी खामी या हमलों की वजह से क्रैश हुए हैं। हालांकि क्रू को बचा लिया गया है, लेकिन अमेरिकी वायुसेना के लिए यह एक काला दिन साबित हुआ है।

जब ईरान जल रहा है, तो लेबनान कैसे शांत रहता? ईरान समर्थित आतंकी संगठन हिजबुल्लाह ने आधिकारिक तौर पर युद्ध का ऐलान कर दिया है। इजराइल के यरुशलम से लेकर तेल अवीव तक, हिजबुल्लाह के रॉकेटों ने भारी तबाही मचाई है। उनका एक ही नारा है—’खामेनेई की मौत का बदला’ इजराइल अब Two-Front War में फंस गया है। एक तरफ ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें और दूसरी तरफ हिजबुल्लाह की छापामार बमबारी।

लेकिन इस बारूद की सबसे बड़ी कीमत बेकसूर चुका रहे हैं। ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 180 छात्राओं की मौत हो गई। 30 घंटों के भीतर अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर 2000 से ज्यादा बम बरसाए हैं। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के आंकड़े बताते हैं कि अब तक 555 लोगों की जान जा चुकी है। ईरान का सनंदज शहर हो या दक्षिणी फार्स प्रांत, हर तरफ सिर्फ लाशें और मलबे में दबी गाड़ियां नजर आ रही हैं।

ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी का सोमवार का बयान साफ कर देता है कि अब मेज पर बातचीत की कोई जगह नहीं बची है। ‘नो टॉक विद अमेरिका’—इस रुख ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुना दी है। क्या UN दखल देगा? या ये आग पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लेगी? फिलहाल, बारूद की गंध और मासूमों की चीखें ही इस जंग की हकीकत हैं।

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ईरान ने सऊदी रास तनूरा रिफाइनरी पर हमला क्यों किया?

ईरान ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने और तेल की कीमतों में अस्थिरता पैदा करने के लिए रिफाइनरी को निशाना बनाया।

हिजबुल्लाह ने इजराइल पर हमला क्यों किया?

हिजबुल्लाह ने ‘खामेनेई की मौत का बदला’ लेने के लिए इजराइल के खिलाफ रॉकेट हमले किए।

अमेरिका और इजराइल ने कैसे प्रतिक्रिया दी?

अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर 2000 से अधिक बम बरसाए, जिससे भारी तबाही हुई।