ईरान को बातचीत रोकने की कीमत चुकानी होगी : ट्रंप

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ईरान को बातचीत रोकने की कीमत चुकानी होगी : ट्रंप

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  • Publish Date - June 10, 2026 / 09:45 PM IST,
    Updated On - June 10, 2026 / 09:45 PM IST

दुबई, 10 जून (एपी) अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान पर हवाई हमले किए और इसके जवाब में तेहरान ने भी क्षेत्र के देशों पर जवाबी हमले किए।

हमलों से युद्ध खत्म करने की कोशिशों के पटरी से उतरने का खतरा पैदा हो गया है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि शांति बार्ता रुकने की ईरान को ‘कीमत चुकानी होगी’।

ट्रंप की यह चेतावनी बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर ईरान के हमले के कुछ घंटों बाद आई। इन तीनों देशों में अमेरिकी सैनिक अड्डे हैं। इस हफ्ते यह दूसरी बार था जब दोनों पक्षों ने एक दूसरे को निशाना बनाया जिसकी वजह से दो महीने से जारी संघर्ष-विराम को खतरा पैदा हो गया है।

ईरान और इजराइल ने सोमवार को एक दूसरे को निशाना बनाया था।

यह स्पष्ट नहीं है कि ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रंप की पोस्ट का ईरान के लिए क्या मायने होंगे। इन टिप्पणियों से युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बदलते रुख का संकेत मिलता है। उन्होंने सोमवार को कहा कि संघर्ष खत्म करने के लिए कुछ ही दिनों में कोई समझौता हो सकता है।

इस बीच, हफ्तो तक भारी बमबारी का सामना करने के बावजूद ईरान ने संयम दिखाया है। उसे भरोसा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी ढंग से बंद करने की उसकी क्षमता उसे बातचीत के दौरान उसे मज़बूती से अपना रुख रखने के लिए मददगार साबित होगी।

अमेरिकी सेना के मध्य कमान ने बताया कि नवीनतम हमलों में उसके लड़ाकू विमानों ने ईरान की ‘वायु रक्षा प्रणाली, जमीनी नियंत्रण केंद्र और निगरानी राडार स्थलों’ को निशाना बनाया। ईरान ने बंदर अब्बास और काशम द्वीप के आसपास हुए हमलों की पुष्टि की, लेकिन नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।

ईरान के शीर्ष राजनयिक ने संकल्प लिया कि हमले का जवाब दिया जाएगा। इसके बाद ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर हमले करने का दावा किया।

जॉर्डन ने बताया कि उसने पांच मिसाइलों को मार गिराया। ईरान के मुताबिक उसने इन मिसाइलों से मुवाफ़्फ़क साल्टी सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाया था। इस सैन्य हवाई अड्डे पर अमेरिकी एफ-35 फाइटर लड़ाकू विमान और दूसरे विमान तैनात हैं। जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘पेट्रा’ ने बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ।

बहरीन और कुवैत ने कहा कि उन्होंने हमलों को नाकाम कर दिया है, लेकिन इनकी विस्तृत जानकारी नहीं दी।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि ईरानी मंत्री ने तुर्किये और सऊदी अरब के अपने समकक्षों के साथ बातचीत में अमेरिकी हमलों की निंदा की और इसे ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया। उन्होंने बातचीत के दौरान जवाबी कार्रवाई सहित आत्मरक्षा के नैसर्गिक अधिकार को रेखांकित किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बुधवार को टीवी चैनल पर प्रसारित टिप्पणी में कहा कि नए हमलों को देखते हुए ईरान युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत पर अपने रुख की समीक्षा करेगा।

इस बीच दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिशें जारी हैं। बातचीत के बारे में जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका से बातचीत के बाद कतर का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को तेहरान पहुंचा।

एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, अमेरिका ने एक दिन पहले होर्मुज जलडमरूमध्य के पास उसके सैन्य हेलीकॉप्टर को ईरानी ड्रोन द्वारा मार गिराए जाने के जवाब में की।

ट्रंप ने बुधवार को ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट में ईरान पर आरोप लगाया गया कि उसने ‘‘एक ऐसे समझौते पर बातचीत करने में बहुत ज़्यादा समय लिया जो उनके लिए बहुत अच्छी होती, अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी!!!’’

इस बीच, ईरान ने एक बार फिर दोहराया है कि युद्ध खत्म करने के लिए होने वाले किसी भी समझौते में उसके सहयोगी हिज्बुल्ला और इजराइल के बीच लड़ाई भी खत्म होनी चाहिए। इसके उलट, इजराइल ने इस चरमपंथी समूह के खिलाफ अपना सैन्य अभियान और तेज़ कर दिया है।

नेतान्याहू ने बुधवार को कहा कि इजराइल ‘‘ईरान और उसके छद्मों के खिलाफ मज़बूती से कार्रवाई जारी रखेगा, जो पश्चिम एशिया और पूरी दुनिया के लिए खतरा हैं’’।

इजराइल की सेना ने कहा कि उसने पिछले एक दिन में दक्षिणी लेबनान में कई हमले किए, जिनमें हिज्बुल्ला के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया।

एपी धीरज रंजन

रंजन