जयशंकर ने मजबूत आपूर्ति शृंखला और विश्वसनीय साझेदारी पर दिया जोर

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जयशंकर ने मजबूत आपूर्ति शृंखला और विश्वसनीय साझेदारी पर दिया जोर

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  • Publish Date - July 16, 2026 / 12:55 AM IST,
    Updated On - July 16, 2026 / 12:55 AM IST

ब्रसेल्स, 15 जुलाई (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को वैश्विक अर्थव्यवस्था को संभावित खतरों से बचाने के लिए उत्पादन के विविध स्रोतों, मजबूत आपूर्ति शृंखला और भरोसेमंद साझेदारियों पर बल दिया।

ब्रसेल्स में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की तीसरी बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय कई गंभीर संकटों से जूझ रही है।

उन्होंने कहा कि इसमें सबसे बड़ी चिंता यह है कि पूरी दुनिया कुछ गिने-चुने साधनों से होने वाले उत्पादन पर निर्भर हो चुकी है और बाजारों तक पहुंच भी सुरक्षित नहीं रह गई है।

जयशंकर ने कहा कि इसका समाधान यही है कि उत्पादन के नए और अलग-अलग विकल्प तैयार किए जाएं ताकि अर्थव्यवस्था को सुरक्षित किया जा सके और बाजारों में स्थिरता लाई जा सके।

जयशंकर ने कहा कि खुले समाज और बाजार संचालित अर्थव्यवस्था होने के नाते भारत और यूरोपीय संघ के बीच स्वाभाविक तालमेल है, जिसे अब व्यापार एवं तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने जानकारी दी कि दोनों पक्ष 27 देशों के इस यूरोपीय संगठन के प्रमुख शोध एवं नवाचार कार्यक्रम (होराइजन यूरोप) में भारत की भागीदारी पर औपचारिक बातचीत शुरू करने और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों पर केंद्रित द्विपक्षीय स्टार्टअप साझेदारी शुरू करने पर सहमत हुए हैं।

इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत की ओर से जयशंकर के साथ वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल हुए, जबकि यूरोपीय संघ की ओर से तकनीकी संप्रभुता, सुरक्षा और लोकतंत्र मामलों के लिए यूरोपीय आयोग की कार्यकारी उपाध्यक्ष हेन्ना विर्कुनेन तथा उनके सहयोगी आयुक्तों ने हिस्सा लिया।

भाषा सुमित वैभव

वैभव