Bhopal Mein Beti Ki Hatya : पिता ने ही दे दी अपनी बेटी की बलि! महज इस वजह से पीट-पीट उतारा मौत के घाट, हुआ खुलासा तो हर कोई रह गया हैरान

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भोपाल के सुखीसेवनिया थाना क्षेत्र में अंधविश्वास की वजह से एक पिता ने कथित तौर पर जमीन में दबे खजाने की चाह में अपनी नाबालिग बेटी की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार हैं।

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  • Publish Date - July 16, 2026 / 12:03 AM IST,
    Updated On - July 16, 2026 / 12:05 AM IST

Bhopal Mein Beti Ki Hatya / Image Source : file

HIGHLIGHTS
  • आरोपी पिता ने बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट खुद दर्ज कराई थी।
  • पुलिस ने खेत से बच्ची का कंकाल बरामद किया।
  • पूछताछ में आरोपी ने खजाना पाने के लिए हत्या की साजिश कबूल की।

भोपाल : Bhopal Mein Beti Ki Hatya :  भोपाल देहात के सुखीसेवनिया थाना क्षेत्र में अंधविश्वास की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। जमीन में दबे सोना-चांदी के खजाने की चाह में एक पिता ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अपनी ही नाबालिग बेटी की हत्या कर दी। आरोपियों ने हत्या के बाद शव को खेत में दफनाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है, जबकि उसके दो साथी अभी फरार हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी पिता ने 3 अप्रैल को अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट स्वयं थाने में दर्ज कराई थी, ताकि किसी को उस पर शक न हो। मामले की जांच के दौरान 7 मई को घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर एक खेत में मानव कंकाल बरामद हुआ। जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का संदेह बच्ची के पिता पर गया।

पुलिस ने आरोपी को गंजबासौदा से गिरफ्तार कर पूछताछ की, जिसमें उसने सनसनीखेज खुलासा किया। Father Killed Minor Daughter Treasure Superstition Status आरोपी ने स्वीकार किया कि जमीन में दबे सोना-चांदी के खजाने को पाने के अंधविश्वास में उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर नाबालिग बेटी की बलि देने की साजिश रची थी। तीनों ने बच्ची की डंडे से पिटाई की और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को खेत में दफना दिया, ताकि वारदात का कोई सबूत न मिले।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया है। आरोपी के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छिपाने सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।सुखीसेवनिया थाना पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास के नाम पर होने वाले जघन्य अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या तांत्रिक बहकावे में न आएं और ऐसी गतिविधियों की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें।

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