लेबनान और इजराइल दशकों बाद वाशिंगटन में पहली बार सीधी राजनयिक वार्ता करेंगे

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लेबनान और इजराइल दशकों बाद वाशिंगटन में पहली बार सीधी राजनयिक वार्ता करेंगे

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  • Publish Date - April 14, 2026 / 08:55 PM IST,
    Updated On - April 14, 2026 / 08:55 PM IST

बेरूत, 14 अप्रैल (एपी) लेबनान और इजराइल दशकों बाद मंगलवार को वाशिंगटन में पहली बार सीधी राजनयिक वार्ता करने वाले हैं। यह वार्ता इजराइल और हिजबुल्ला आतंकवादी समूह के बीच एक महीने से अधिक समय से जारी युद्ध के बाद हो रही है, जिसने इस छोटे भूमध्यसागरीय देश को तगड़ी चोट पहुंचाई है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, इजराइल के अमेरिका में राजदूत येचिएल लीटर और लेबनान के अमेरिकी राजदूत नादा हमादेह मोवाद वाशिंगटन में होने वाली वार्ता में भाग लेंगे। वर्ष 1993 के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली वार्ता होगी।

हिजबुल्ला इस सीधी वार्ता का विरोध कर रहा है और उसका कोई प्रतिनिधि नहीं होगा। आतंकवादी समूह की राजनीतिक परिषद के एक उच्च पदस्थ सदस्य वाफिक सफा ने ‘एपी’ को बताया कि वह वार्ता में हुए किसी भी समझौते का पालन नहीं करेगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, लेबनान में इजराइली हमलों में कम से कम 2,089 लोग मारे गए हैं, जिनमें 252 महिलाएं, 166 बच्चे और 88 चिकित्साकर्मी शामिल हैं, जबकि 6,762 अन्य घायल हुए हैं। 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।

लेबनान सरकार को उम्मीद है कि वार्ता से युद्ध समाप्त होने का मार्ग प्रशस्त होगा। ईरान ने लेबनान और पूरे क्षेत्र में युद्धों को समाप्त करना अमेरिका के साथ वार्ता की शर्त रखी है, जबकि लेबनान स्वयं वार्ता का प्रतिनिधित्व करने पर अड़ा है।

ईरान समर्थित हिजबुल्ला और अन्य आलोचक इस तरह की सीधी वार्ता को लेकर संशय में हैं। उनका मानना ​​है कि बेरूत स्थित लेबनान सरकार के पास कोई ठोस आधार नहीं है और उसे ईरान का समर्थन करना चाहिए, जो हिजबुल्ला का प्रमुख सहयोगी और संरक्षक है।

इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपना आक्रमण जारी रखा है, जिसके बारे में कुछ इजराइली अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य सीमा से लेकर उत्तर में लगभग 30 किलोमीटर (20 मील) दूर स्थित लिटानी नदी तक एक ‘सुरक्षा क्षेत्र’ बनाना है।

इजराइल के रक्षा मंत्री का कहना है कि दक्षिणी लेबनान से विस्थापित हुए लाखों लोगों को तब तक घर लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कि क्षेत्र को सैन्य मुक्त नहीं कर दिया जाता और इजराइल को यह विश्वास नहीं हो जाता कि उसके उत्तर में रहने वाला समुदाय सुरक्षित है।

हिजबुल्ला नवंबर 2024 में समाप्त हुए इजराइल के साथ अपने पिछले युद्ध में कमजोर हो गया था, फिर भी प्रतिदिन उत्तरी इजराइल और लेबनान के अंदर जमीनी सैनिकों पर ड्रोन, रॉकेट और तोप से हमले करता रहता है।

हिजबुल्ला के महासचिव नइम कासिम ने एक भड़काऊ भाषण देते हुए लेबनान से वार्ता रद्द करने का आह्वान किया।

एपी संतोष माधव

माधव