लक्जमबर्ग, छह जनवरी (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत लक्जमबर्ग को एक ‘बहुत महत्वपूर्ण’ साझेदार के रूप में देखता है और दोनों देश फिनटेक, अंतरिक्ष और एआई सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ा सकते हैं।
फ्रांस और लक्जमबर्ग की छह दिवसीय यात्रा पर आए जयशंकर ने लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री ल्यूक फ्रीडेन के साथ वित्त, निवेश और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय सहयोग को ‘बढ़ाने’ पर बातचीत की।
उन्होंने लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी की।
बेटेल के साथ अपनी बैठक के शुरुआती संबोधन में जयशंकर ने कहा कि भारत लक्जमबर्ग को द्विपक्षीय रूप से और यूरोपीय संघ के भीतर दोनों ही तरह से एक ‘बहुत महत्वपूर्ण’ भागीदार के रूप में देखता है, और यह यूरोपीय संघ के साथ ‘हमारे अपने संबंधों के विकास के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण समय’ है।
उन्होंने कहा, ‘उस व्यापक रिश्ते को आकार देने में आपका जो प्रभाव है, आपका जो समर्थन है, वह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।’
विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझा ‘बहुत मजबूत व्यापार खाते’ के अलावा, नई दिल्ली और लक्जमबर्ग कई दिलचस्प मुद्दों पर और अधिक सहयोग कर सकते हैं, जिनमें फिनटेक, अंतरिक्ष, डिजिटल दुनिया और एआई शामिल हैं।
प्रधानमंत्री फ्रीडेन से मुलाकात के दौरान जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
दोनों ने वित्तीय सेवाओं, निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग पर चर्चा की।
भाषा तान्या वैभव
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