iran israel war/ image source: ibc24
Middle East Conflict Update: ईरान और इज़रायल के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इसी बीच ईरान ने इज़रायल के दक्षिणी हिस्से में स्थित नेओत होवाव इंडस्ट्रियल जोन के एक केमिकल प्लांट पर मिसाइल हमला किया। इस हमले के बाद प्लांट में भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना में कम से कम एक व्यक्ति घायल हुआ है, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी बीच बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में इज़रायल की संसद (क्नेस्सेट) ने 2026 के राज्य बजट को मंजूरी दे दी है, जिसमें सैन्य खर्च में भारी बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियां और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं। इस हमले के बाद सबसे बड़ी चिंता केमिकल प्लांट से संभावित जहरीले रिसाव को लेकर है, जिससे आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अभी भी थमी नहीं है, और लगातार हो रहे हमले इस संघर्ष को और भड़का रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ती जा रही है, लेकिन फिलहाल हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं।
बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में इज़रायल की संसद (क्नेस्सेट) ने 2026 के राज्य बजट को मंजूरी दे दी है, जिसमें सैन्य खर्च में भारी बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है। यह बजट ऐसे समय में पारित हुआ है जब मिडिल ईस्ट में जंग अभी भी जारी है और इज़रायल एक साथ कई मोर्चों पर संघर्ष कर रहा है, जिसमें ईरान और उसके सहयोगी गुट शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा बजट में 10 अरब डॉलर से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है, जिससे सैन्य खर्च 45 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच गया है, जो पहले की तुलना में काफी अधिक है।
कुल मिलाकर 2026 का यह बजट लगभग 245 अरब डॉलर (या उससे अधिक) का बताया जा रहा है, जिसे युद्ध की बढ़ती लागत और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। सरकार का कहना है कि लगातार जारी संघर्ष और सैन्य अभियानों के कारण रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाना जरूरी हो गया है, जबकि विपक्ष इस पर सवाल उठा रहा है। संसद में यह बजट बहुमत से पास हुआ, जिससे सरकार गिरने का खतरा भी टल गया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में जंग जारी है, तब तक इज़रायल को अपने सैन्य खर्च में और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है, जिससे आर्थिक दबाव भी बढ़ेगा।
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