जब तक संसद में बहुमत का फैसला नहीं हो जाता तब तक मुहीद्दीन ही प्रधानमंत्री: मलेशिया के अटॉर्नी जनरल

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जब तक संसद में बहुमत का फैसला नहीं हो जाता तब तक मुहीद्दीन ही प्रधानमंत्री: मलेशिया के अटॉर्नी जनरल

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  • Publish Date - July 8, 2021 / 02:18 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:32 PM IST

कुआलालंपुर, आठ जुलाई (एपी) मलेशिया में सत्तारूढ़ गठबंधन से एक पार्टी के बाहर होने की घोषणा के बाद अटॉर्नी जनरल ने बृहस्पतिवार को कहा कि जबतक संसद में यह साबित नहीं हो जाता है कि प्रधानमंत्री मुहीद्दीन यासीन ने बहुमत खो दिया है तब तक वह सत्ता में रहेंगे।

देश में सत्तारूढ़ गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी यूनाटेड मलायी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (यूएमएनओ) ने प्रधानमंत्री यासीन से अपना समर्थन वापस ले लिया है जिसके बाद से देश में राजनीतिक अनिश्चितता है।

यूएमएनओ के प्रमुख अहमद ज़ाहिद हमीदी ने कहा है कि यासीन सम्मानजनक तौर पर इस्तीफा दे दें और कोरोना वायरस के दौरान जब तक सुरक्षित रूप से आम चुनाव नहीं हो जाते हैं तब तक अंतरिम तौर पर एक नेता प्रधानमंत्री बनें।

उन्होंने यासीन पर कोरोना वायरस से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से लोगों को आर्थिक परेशानियां हुई हैं।

अटॉर्नी जनरल इदरूस हारून ने कहा कि इस बात के स्पष्ट प्रमाण नहीं हैं कि यासीन ने संसद में बहुमत खो दिया है। उन्होंने कहा कि इस बात का फैसला सिर्फ निचले सदन में सांसद ही कर सकते हैं न कि यह राजनीतिक पार्टी के बयान के आधार पर होगा। हालांकि 78 वर्षीय यासीन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

वर्ष 2018 में हुए चुनाव में जीती पार्टी की सुधारवादी सरकार के मार्च 2020 में गिरने पर यासीन प्रधानमंत्री बने थे। उनकी बेरसातु पार्टी ने सरकार बनाने के लिए यूएमएनओ और अन्य दलों से हाथ मिलाया था।

एपी

नोमान उमा

उमा

नोमान