नेपाल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता लेने से इनकार करने की बात का खंडन किया

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नेपाल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता लेने से इनकार करने की बात का खंडन किया

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  • Publish Date - August 28, 2026 / 08:58 PM IST,
    Updated On - August 28, 2026 / 08:58 PM IST

काठमांडू, 28 अगस्त (भाषा) नेपाल ने शुक्रवार को इस बात का खंडन किया कि उसने मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता लेने से इनकार किया है।

नेपाल ने कहा कि वह अपने सुरक्षा बलों की अधिकतम तैनाती को ‘‘प्राथमिकता’’ देना चाहता है, क्योंकि वे स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियों और दुर्गम इलाकों से परिचित हैं।

रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से सैकड़ों लोगों की मौत और बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा जलविद्युत बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान होने के बाद नेपाल बड़े स्तर पर बचाव और राहत अभियान चला रहा है।

नेपाल पुलिस के अनुसार, इस तबाही में अब तक कम से कम 579 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 1,000 लोग लापता हैं।

भारत समेत कई विदेशी देशों ने राहत एवं बचाव कार्यों में सहायता की पेशकश की है।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार शुरुआती चरण में अपने सुरक्षा बलों की अधिकतम तैनाती को ‘‘प्राथमिकता’’ देना चाहती है।

उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि सरकार ने मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिलने वाली सहायता से इनकार नहीं किया है।

खनाल ने नेशनल न्यूज एजेंसी (आरएसएस) से कहा कि ‘‘अंतरराष्ट्रीय सहायता को अस्वीकार नहीं किया गया है, बल्कि बचाव की रणनीति राष्ट्रीय क्षमता, तत्काल जरूरत और नेपाल की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए तय की गई है।’’

उन्होंने कहा कि नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की बचाव टीम नेपाल की भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गम इलाकों और स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं।

खनाल ने कहा कि सरकार कठिन परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय सहायता लेने के लिए तैयार है, जहां बेहद जटिल भौतिक संरचनाओं में विशेष तकनीकी कौशल की आवश्यकता होती है।

नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में परिवहन सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए 42 बेली पुलों के निर्माण में मदद करने का भारत और चीन से अनुरोध किया है।

इन पुलों को भारी मशीनरी या विशेष उपकरणों के बिना तेजी से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है।

विदेश मंत्री खनाल के सहयोगी ने बताया कि नेपाल ने अपने पड़ोसी देशों से सहायता मांगी है, क्योंकि अचानक आई बाढ़ में 36 से अधिक पुल बह गए हैं।

भारत ने नेपाल में राहत और पुनर्वास कार्यों में सहायता के लिए राहत सामग्री की दो खेप भेजी हैं।

भाषा देवेंद्र सुरेश

सुरेश