नेपाल बाढ़ : अभिनेता अंकुर रतन ने बाढ़ से 12 घंटे पहले पार किया था रसुवा

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नेपाल बाढ़ : अभिनेता अंकुर रतन ने बाढ़ से 12 घंटे पहले पार किया था रसुवा

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  • Publish Date - August 28, 2026 / 08:55 PM IST,
    Updated On - August 28, 2026 / 08:55 PM IST

मुंबई, 28 अगस्त (भाषा) ‘माई’ और ‘इनसाइड एज’ जैसी फिल्मों और वेब सीरीज में काम कर चुके अभिनेता अंकुर रतन ने बताया कि जिस हिमालयी जिले रसुवा में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई, उसे उन्होंने अपने समूह के साथ इस आपदा के करीब 12 घंटे पहले ही पार किया था।

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए रतन ने कहा कि यह जानकर वह स्तब्ध हैं कि जिन स्थानों पर वह ठहरे थे, वे सभी इस आपदा में बह गए। इस हादसे में अब तक 547 लोगों की मौत हो चुकी है और तलाश एवं बचाव अभियान जारी है।

तिब्बत की सीमा से सटे नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को भोटेकोशी नदी में अचानक भारी बाढ़ आ गई थी। इस बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत हुई और बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा जलविद्युत ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा।

रतन ने बताया कि वह महाराष्ट्र के पंजीकृत क्लब ‘साद माउंटेनियर्स’ के नेतृत्व वाले एक समूह के साथ 22 अगस्त को काठमांडू पहुंचे थे और करीब 12 घंटे पहले इस इलाके को पार कर चुके थे।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘उस समय हमें किसी तरह के खतरे के संकेत नहीं मिले थे। माहौल बिल्कुल अलग था। लोग खुश थे और यात्रा के लिए आगे बढ़ने को लेकर उत्साहित थे। हम समय-समय पर मौसम संबंधी ऐप देखते थे, मुख्य रूप से तापमान और सामान्य मौसम की स्थिति पर नजर रखने के लिए, लेकिन अचानक बाढ़ या किसी बेहद खराब मौसम की कोई चेतावनी नहीं थी।’’

रतन ने कहा, ‘‘जिंदा बचने के लिए मेरे मन में कृतज्ञता की भावना है, लेकिन साथ ही गहरा दुख भी है। जिन लोगों से हम मिले और जिन जगहों पर हम ठहरे, उनकी यादें मेरे दिल में हैं। यह विश्वास करना मुश्किल है कि सब कुछ खत्म हो गया।’’

अभिनेता ने कहा कि इस अनुभव ने जीवन को देखने का उनका नजरिया बदल दिया है, लेकिन वह पर्वतारोहण और ट्रैकिंग छोड़ने का इरादा नहीं रखते।

रतन ने कहा, ‘‘इसने मुझे मानव जीवन की नाजुकता और अस्थायित्व का गहरा अहसास कराया है। हम अक्सर महसूस करते हैं कि अपनी परिस्थितियों पर हमारा कुछ नियंत्रण है, लेकिन प्रकृति की अपार शक्ति के सामने हमें एहसास होता है कि वास्तव में हम कितने छोटे और असहाय हैं।’’

रतन ने बताया कि उनका समूह स्थानीय अधिकारियों के स्थिति का आकलन करने और उनकी वापसी के लिए सबसे सुरक्षित मार्ग के बारे में सलाह देने का इंतजार कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी यात्रा जारी रख रहे हैं। हम अधिकारियों के निर्देशों का पालन करेंगे और उसी के अनुसार वापसी की योजना बनाएंगे।’’

भाषा रवि कांत रवि कांत माधव

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