काठमांडू, 28 अगस्त (भाषा) नेपाल के भोटेकोशी नदी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के कारण अधिकारियों द्वारा शुक्रवार को जारी नई चेतावनी के साथ ही इस हिमालयी देश में भीषण बाढ़ की दूसरी लहर का खतरा मंडराने लगा है। इस बीच बाढ़ से जुड़ी इस त्रासदी में मृतकों की संख्या बढ़कर 547 पहुंच गयी है।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने कहा कि उसी स्थान पर जलस्तर बढ़ने से इलाके में एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
यह चेतावनी रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद जारी की गई है। इस बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और बस्तियों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
प्राधिकरण ने एक नये नोटिस में कहा, ‘‘जिस जगह पर अचानक बाढ़ आई थी वहां कीचड़-युक्त पानी का स्तर बढ़ गया है और इलाके में फिर से बाढ़ आने का खतरा मंडरा रहा है।’’
एनडीआरआरएमए ने तलाश एवं बचाव अभियान में शामिल लोगों और अलग-अलग वजहों से भोटेकोशी एवं त्रिशूली इलाकों में रह रहे लोगों से कहा है कि वे बहुत सतर्क रहें और किसी भी तरह का खतरा महसूस होने पर तुरंत सुरक्षित जगहों पर चले जाएं।
इससे पहले, तिब्बत की तरफ एक बांध के फिर से टूटने की खबर मिलने के बाद नेपाल पुलिस ने भी अलर्ट जारी किया है।
नेपाल पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ऐसी सूचना है कि तिब्बत की ओर एक बांध फिर से टूट गया है।’’
हालांकि, नेपाल सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी बांध के टूटने की कोई जानकारी नहीं है।
‘ऑनलाइनखबर’ वेबसाइट के अनुसार, सरकारी प्रवक्ता एवं शिक्षा मंत्री सस्मिता पोखरेल ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहीं भी बांध टूटने की किसी भी जानकारी से इनकार किया है।
पोखरेल ने कहा, ‘‘किसी बांध के टूटने की कोई सूचना नहीं है। चूंकि ग्लेशियर फटे हैं, इसलिए कई जगहों पर मिट्टी-युक्त पानी उमड़कर बह रहा है।’’ उन्होंने कहा कि तत्काल कोई बड़ा जोखिम नहीं देखा गया है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार विदेश मंत्रालय के माध्यम से चीन की सरकार के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है और उसे सूचित किया गया है कि कोई बड़ा जोखिम नहीं है।
‘द राइजिंग नेपाल’ दैनिक समाचार-पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी अधिकारियों ने भी कहा है कि नेपाल के रसुवा जिले के भोटेकोशी नदी क्षेत्र में पानी का बहाव बढ़ गया है, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ऊपरी हिस्से में बनी झील स्थिर है और वह टूटी नहीं है।
रिपोर्ट में नेपाल के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि चीनी पक्ष ने कहा है कि ऊपरी इलाकों में जलप्रवाह में वृद्धि हिमस्खलन के कारण हुई थी, लेकिन नदी का रास्ता रुकने के बाद बनी झील का तटबंध टूटा नहीं है।
रिपोर्ट के अनुसार, चीनी पक्ष ने कहा कि झील का आकार बढ़ रहा है और पानी लगातार ‘ओवरफ्लो’ हो रहा है, लेकिन झील में कोई बड़ी हलचल नहीं आई है। इसमें कहा गया है कि बड़े पैमाने पर बाढ़ का कोई तत्काल जोखिम नहीं है और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने बृहस्पतिवार को नेपाल-चीन सीमा के पास एक नयी झील बनने के बाद भोटेकोशी नदी के निचले इलाकों में बाढ़ के नये खतरे की चेतावनी दी थी।
इससे पहले, चीनी अधिकारियों ने नेपाल को बताया था कि झील में लगभग 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो गया है और अगले तीन दिनों में इसमें 30 लाख घन मीटर और पानी आ सकता है, जिससे बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।
यह झील छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी है। ये नदियां तिब्बत से निकलती हैं और भोटेकोशी नदी की सहायक नदियों के तौर पर नेपाल में बहती हैं।
भाषा
सुरेश नरेश
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