काठमांडू, 29 मार्च (भाषा) नेपाल की नवगठित सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 100 सूत्री कार्य योजना के तहत पूर्व प्रधानमंत्रियों की संपत्तियों की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है।
शनिवार को मंत्रिमंडल ने वरिष्ठ राजनेताओं और उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों की संपत्तियों की चरणबद्ध तरीके से जांच करने के लिए सत्ता दुरुपयोग जांच आयोग (सीआईएए) के गठन का निर्णय लिया।
इस समिति में कानून, वित्त, राजस्व और अनुसंधान के विशेषज्ञ शामिल हैं। सीआईएए प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के अधीन कार्य करेगा।
‘माय रिपब्लिका’ की खबर के मुताबिक, पहले चरण में, 2006 की नेपाल क्रांति के बाद सार्वजनिक पदों पर आसीन सभी लोगों की जांच की जाएगी और आयोग 15 दिनों के भीतर जांच पूरी करेगा।
खबर के मुताबिक, इसके बाद सरकार चार पूर्व प्रधानमंत्रियों – शेर बहादुर देउबा, के.पी. शर्मा ओली, पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ और माधव कुमार – की संपत्तियों की जांच शुरू करेगी।
‘काठमांडू पोस्ट’ की खबर के अनुसार, जांच के दूसरे चरण में उन सभी लोगों की जांच की जाएगी, जिन्होंने 1991 से 2006 के बीच महत्वपूर्ण सार्वजनिक पदों पर कार्य किया।
भाषा शफीक नरेश
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