(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, 20 जुलाई (भाषा) नेपाल सरकार ने एक रुपये के नए डिजाइन वाले सिक्के की मंजूरी दे दी है। इस नए सिक्के पर नेपाल के उस विवादित मानचित्र की जगह एक मठ की तस्वीर होगी, जिसमें लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था।
नेपाल का दावा है कि लिपुलेख और कालापानी उसके क्षेत्र हैं, जबकि भारत का कहना है कि ये इलाके उसके हैं।
नेपाल में तत्कालीन के. पी. ओली सरकार ने मई 2020 में कालापानी और लिपुलेख सहित इन क्षेत्रों को अपने आधिकारिक मानचित्र में शामिल किया था।
सूत्रों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने बृहस्पतिवार को नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) को नए डिजाइन वाले एक रुपये और दो रुपये के सिक्के ढालने की मंजूरी दे दी।
उन्होंने बताया कि एक रुपये के सिक्के से नेपाल का नया राजनीतिक मानचित्र हटा दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, नए डिजाइन वाले एक रुपये के सिक्के पर लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को नेपाल का हिस्सा दिखाने वाले विवादित मानचित्र के स्थान पर मुस्तांग जिले के मरांग गांव स्थित लो ग्याकर मठ की तस्वीर होगी।
लो ग्याकर मठ को नेपाल के सबसे प्राचीन मठों में से एक माना जाता है।
हालांकि, मंत्रिमंडल के सूत्रों के अनुसार, दो रुपये के सिक्के पर पहले से मुद्रित मानचित्र बरकरार रहेगा।
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता भीम रावल ने एक रुपये के सिक्के से नया राजनीतिक मानचित्र हटाने के सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए इसे नेपाल की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ गंभीर कदम बताया। रावल ने सरकार और सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी से इस मामले पर तत्काल स्पष्टीकरण देने की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने वास्तव में लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी सहित नेपाल के मानचित्र को एक रुपये के सिक्के से हटाकर उसकी जगह लो ग्याकर मठ की तस्वीर लगाने का फैसला किया है, तो यह एक और गंभीर राष्ट्रविरोधी निर्णय होगा तथा नेपाल की क्षेत्रीय अखंडता पर आघात होगा।’’
नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल ने कहा कि बैंक ने सिक्कों का आकार और वजन कम करने के उद्देश्य से नए डिजाइन का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने बताया कि एक रुपये के सिक्के का वजन चार ग्राम से घटाकर 3.2 ग्राम और दो रुपये के सिक्के का वजन पांच ग्राम से घटाकर 3.8 ग्राम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, मिश्रित धातु की जगह इस्पात का इस्तेमाल होगा और सिक्कों का रंग पीले के बजाय स्टील जैसा सफेद होगा।
भाषा अमित नेत्रपाल
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