(SBI Funds IPO Listing/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: SBI Funds IPO Listing: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की है। कंपनी का स्टॉक BSE पर 6.27% प्रीमियम के साथ 610 रुपये और एनएसई पर लगभग 6.85% बढ़त के साथ 613.30 रुपये पर लिस्ट हुआ। कंपनी के IPO का इश्यू प्राइस 574 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। वहीं, एक लॉट में 26 शेयर रखे गए थे, जिसके लिए निवेशकों को कम से कम 14,924 रुपये लगाने पड़े थे। लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी जारी रही और BSE पर यह करीब 2% बढ़कर 624.80 रुपये तक पहुंच गया।
लिस्टिंग के बाद एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का बाजार मूल्यांकन भी तेजी से बढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.26 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। यह कंपनी देश के सबसे बड़े बैंक State Bank of India और फ्रांस की कंपनी Amundi का संयुक्त उपक्रम है। कंपनी में एसबीआई की हिस्सेदारी 50% से ज्यादा है। म्यूचुअल फंड सेक्टर में मजबूत पकड़ और बड़े निवेशकों की दिलचस्पी की वजह से इस IPO को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को निवेशकों ने जमकर सब्सक्राइब किया था। तीन दिनों की बोली प्रक्रिया में यह इश्यू कुल 41.73 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल निवेशकों के लिए इसे 3.76 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) कैटेगरी में 140.11 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटेगरी में 22.51 गुना आवेदन आए। इससे स्पष्ट है कि बड़े निवेशकों के साथ आम निवेशकों ने भी कंपनी पर भरोसा जताया।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ 14 जुलाई से 16 जुलाई तक आम निवेशकों के लिए खुला था जबकि एंकर निवेशकों के लिए यह 13 जुलाई को शुरू हुआ था। कंपनी ने एंकर निवेशकों से करीब 2662.96 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस आईपीओ का कुल साइज 9812.91 करोड़ रुपये था और यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित था। आईपीओ में मौजूदा निवेशकों ने करीब 17.10 करोड़ शेयरों की बिक्री की। इससे पहले एसबीआई ने प्री-प्लेसमेंट के जरिए अपनी 1.42 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर करीब 1655 करोड़ रुपये जुटाए थे।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
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