अमेरिका और ईरान के बीच हमले रुकने के बाद ट्रंप से मुलाकात करेंगे नेतन्याहू

अमेरिका और ईरान के बीच हमले रुकने के बाद ट्रंप से मुलाकात करेंगे नेतन्याहू

अमेरिका और ईरान के बीच हमले रुकने के बाद ट्रंप से मुलाकात करेंगे नेतन्याहू
Modified Date: July 27, 2026 / 08:28 am IST
Published Date: July 27, 2026 8:28 am IST

काहिरा, 27 जुलाई (एपी) इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार को वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। उनके कार्यालय ने यह जानकारी दी।

यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन रविवार को ईरान पर अपने हमले रोक दिए, वहीं तेहरान ने भी कहा कि उसने भी जवाबी कार्रवाई फिलहाल रोक दी है।

नेतन्याहू ने रविवार को ‘फॉक्स न्यूज’ से कहा कि वह ट्रंप के उन प्रयासों का ‘‘पूरी तरह समर्थन’’ करते हैं जिनका उद्देश्य ईरान को कमजोर करना और उसके परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने के लिए दबाव बनाना है।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि वह बिना दोबारा बड़े सैन्य संघर्ष के यह लक्ष्य हासिल कर सकते हैं, तो इसमें बुराई क्या है?’’

इजराइली प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि वह ट्रंप के सामने कोई नयी जानकारी नहीं रखेंगे, बल्कि ‘‘अपने अच्छे मित्र’’ ट्रंप की योजनाओं को सुनेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘कई मायनों में अंतिम फैसला उन्हीं का होगा।’’

हालांकि नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने भविष्य में सीधे या अपने सहयोगी संगठनों के जरिए इजराइल पर दोबारा हमला किया, तो ‘‘यह उसकी बहुत बड़ी गलती साबित होगी।’’

इस घटनाक्रम के बीच दोनों देशों को अंतरिम युद्धविराम समझौते पर बातचीत की मेज पर वापस लाने के प्रयास जारी हैं। हालांकि हाल के दिनों में हुए हमलों और जवाबी हमलों ने इस समझौते को काफी हद तक कमजोर कर दिया है।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वाल्ट्ज ने ‘फॉक्स न्यूज’ से कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत के लिए कुछ समय देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप वार्ता को थोड़ा और वक्त देना चाहते हैं। पिछले कुछ सप्ताहों से, विशेषकर पिछले कुछ दिनों में ओमान, ईरान और हमारे अन्य वार्ताकार वरिष्ठ स्तर से लेकर तकनीकी स्तर तक लगातार संपर्क में हैं।’’

वाल्ट्ज ने इस आशंका को खारिज किया कि ईरानी हमलों से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली अमेरिकी इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार कम पड़ रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान दोनों के लिए लंबे समय तक इस तरह के सैन्य अभियान जारी रखना आसान नहीं होगा।

नेतन्याहू और ट्रंप की पिछली मुलाकात फरवरी में हुई थी, जिसके कुछ ही सप्ताह बाद ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू हुआ था। इस युद्ध में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ नेताओं की मौत हो गई थी।

युद्ध शुरू होने के दो दिन बाद ईरान समर्थित हिजबुल्ला ने इजराइल पर हमला किया था, जिसके जवाब में इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले और जमीनी कार्रवाई की। इसके बाद अमेरिका ने लेबनान और इजराइल के बीच प्रत्यक्ष वार्ता को समर्थन दिया ताकि सीमा पर तनाव कम किया जा सके और हिजबुल्ला को निरस्त्र करने का रास्ता निकाला जा सके।

एपी गोला शोभना

शोभना


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