दक्षिण अफ्रीका में ओड़िया समुदाय ने मनाया उत्कल दिवस और रजो पर्व

दक्षिण अफ्रीका में ओड़िया समुदाय ने मनाया उत्कल दिवस और रजो पर्व

दक्षिण अफ्रीका में ओड़िया समुदाय ने मनाया उत्कल दिवस और रजो पर्व
Modified Date: June 16, 2026 / 08:39 am IST
Published Date: June 16, 2026 8:39 am IST

(फाकिर हसन)

जोहानिसबर्ग, 16 जून (भाषा) दक्षिण अफ्रीका के ओड़िया प्रवासी समुदाय ने जोहानिसबर्ग में उत्कल दिवस और रजो पर्व मनाया और पारंपरिक संगीत, नृत्य, व्यंजन तथा रीति-रिवाजों के माध्यम से समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की।

‘ओड़िया कल्चरल एसोसिएशन ऑफ साउथ अफ्रीका’ (ओकासा) द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम रविवार को संपन्न हुआ जिसमें ओड़िया समुदाय के लोगों के अलावा भारतीय और दक्षिण अफ्रीकी समुदायों के लोगों ने भी भाग लिया।

उत्सव के दौरान 1936 में ओडिशा की स्थापना को याद किया गया। उस वर्ष तत्कालीन ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन ने लंबे और दृढ़ जन आंदोलन के बाद ओडिशा को एक अलग प्रांत के रूप में मान्यता दी थी।

कार्यक्रम के आयोजक निहार पटनायक ने कहा, “ओकासा की स्थापना 2005 में विशेष रूप से बच्चों के बीच ओड़िया संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। इसी सोच के तहत हमने इस वार्षिक उत्सव की शुरुआत की।”

उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में ओडिशा मूल के लोग मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी और दवा क्षेत्र में कार्यरत हैं।

पटनायक के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका में पहले ओड़िया प्रवासी 1993 में पहुंचे थे। यह वह दौर था जब रंगभेद व्यवस्था के अंत के साथ उन प्रतिबंधों को हटाया गया, जिन्होंने दशकों तक भारतीयों के देश में प्रवेश और रोजगार के अवसरों को सीमित कर रखा था।

करीब दो दशक पहले प्रवासी भारतीय समुदाय द्वारा स्थापित ‘इंडिया क्लब’ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने इस आयोजन के लिए ओकासा की सराहना की।

उन्होंने कहा, “ओकासा कई वर्षों से इंडिया क्लब का एक अभिन्न अंग है। यह हमारे भारत दिवस सहित वर्ष भर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों और सामुदायिक विकास गतिविधियों का भारी समर्थक है।”

भाषा खारी शोभना

शोभना


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