पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान के 35 उग्रवादियों को मार गिराया, तीन कमांडर गिरफ्तार

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पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान के 35 उग्रवादियों को मार गिराया, तीन कमांडर गिरफ्तार

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  • Publish Date - May 18, 2026 / 08:05 PM IST,
    Updated On - May 18, 2026 / 08:05 PM IST

इस्लामाबाद, 18 मई (भाषा) पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने हाल के दिनों में खुफिया जानकारी पर आधारित अभियानों में बलूचिस्तान स्थित उग्रवादी समूहों के 35 सदस्यों को मार गिराया और कम से कम तीन वरिष्ठ कमांडर को गिरफ्तार किया है। प्रांतीय सरकार ने यह जानकारी दी।

डॉन अखबार ने बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद के हवाले से बताया कि सुरक्षा बलों ने 13 मई को प्रांतीय राजधानी क्वेटा के बाहरी इलाके में स्थित पहाड़ी क्षेत्र मंगला जरघून गार में एक अभियान शुरू किया जो चार दिनों तक जारी रहा।

रिंद ने कहा, ‘‘सुरक्षा बलों ने सफल अभियान में कई शिविरों और ठिकानों को नष्ट कर दिया तथा इस दौरान तीन कमांडर को गिरफ्तार किया।’’ उन्होंने बताया कि इस अभियान में उग्रवादी समूहों के 35 सदस्य मारे गए।

सरकार ने यह जानकारी क्वेटा और प्रांत के अन्य हिस्सों में हिंसा फैलने के कुछ दिनों बाद जारी की है।

इस महीने की शुरुआत में प्रांतीय राजधानी के कई स्थानों पर रॉकेट से हमले हुए। बताया जाता है कि ये हमले आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित स्थानों से किए गए थे।

डीआईजी इमरान शौकत ने हाल ही में एक प्रेसवार्ता में कहा कि शहर कई सुरक्षा खतरों का सामना कर रहा है और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं।

मस्तुंग स्थित शेख वासिल इलाके में पिछले सप्ताह एक पुल को उड़ा दिए जाने और ईरान से माल ले जा रहे ट्रकों में अज्ञात लोगों द्वारा आग लगा दिए जाने के बाद क्वेटा-ताफ्तान सड़क पर यातायात निलंबित कर दिया गया था।

दिन में ही इससे पहले सरकार ने पूरे प्रांत में धारा 144 लागू कर दी, जिसके तहत हथियारों का प्रदर्शन और उपयोग, मोटरसाइकिल पर दो लोगों के सवार होने, रंगीन शीशे वाली गाड़ियां चलाना, बिना पंजीकरण वाली मोटरसाइकिल चलाना और पांच या दो से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

प्रांतीय सरकार ने सीआरपीसी 1898 की धारा 144 के तहत आदेश लागू किए और 30 दिनों की अवधि के लिए इन्हें प्रभावी करने की घोषणा की।

प्रांतीय सरकार के गृह विभाग के सहायक बाबर यूसुफजई ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां ​‘‘फितना अल ख्वारिज’’ और ‘‘फ़ितना अल हिंदुस्तान’’ द्वारा किसी भी संभावित कार्रवाई का मुकाबला करने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

इन शब्दों का इस्तेमाल प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और बलूचिस्तान स्थित उग्रवादी समूहों के लिए किया जाता है।

भाषा यासिर नरेश

नरेश