लाहौर, 17 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान कथित तौर पर ‘सेक्सटॉर्शन’ और अन्य साइबर अपराधों में शामिल 284 विदेशी नागरिकों को निर्वासित करेगा। इनमें ज्यादातर चीन, वियतनाम और इंडोनेशिया के नागरिक हैं। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
‘सेक्सटॉर्शन’ का अर्थ है यौन सामग्री या निजी तस्वीरों/वीडियो के जरिये किसी व्यक्ति को ब्लैकमेल करना। आमतौर पर इसमें आरोपी किसी व्यक्ति की निजी या आपत्तिजनक तस्वीर अथवा वीडियो हासिल करता है और फिर उसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे, और अधिक तस्वीरें या कोई अन्य फायदा मांगता है।
संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के महानिदेशक उस्मान अनवर ने बताया कि इनमें से ज्यादातर लोग पर्यटक वीजा पर पाकिस्तान आए थे और इस्लामाबाद में पंजीकृत एक आईटी कंपनी से अपना काम संचालित कर रहे थे।
अनवर ने कहा कि संदिग्धों को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था और उनमें से कुछ को निर्वासन की प्रक्रिया के लिए रावलपिंडी की अदियाला जेल भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘गृह मंत्रालय ने संदिग्धों के वीजा रद्द कर दिए हैं और उन्हें जल्द ही निर्वासित किया जाएगा।’’
एफआईए प्रमुख के अनुसार, संदिग्ध महिलाओं के वेश में ऑनलाइन माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और ‘सेक्सटॉर्शन’ का गिरोह चला रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘वे असामान्य रूप से अधिक रिटर्न का लालच देकर पीड़ितों को धोखाधड़ी वाली कारोबारी और निवेश योजनाओं में फंसाते थे।’’
एफआईए ने इन विदेशी नागरिकों की कथित तौर पर मदद करने वाले स्थानीय लोगों और संचालकों का भी पता लगाया है। अनवर ने कहा कि सरकारी विभागों से जुड़े कुछ लोगों की संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
महानिदेशालय आव्रजन एवं पासपोर्ट को निर्देश दिया गया है कि इन 284 विदेशियों के पाकिस्तान से रवाना होने के बाद उनके नाम ‘‘काली सूची’’ और ‘‘विदेशी नियंत्रण सूची’’ में डाल दिए जाएं। इससे वे भविष्य में पाकिस्तान का वीजा हासिल नहीं कर सकेंगे।
भाषा रवि कांत सुरेश
सुरेश