(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 14 मई (भाषा) पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को भारत में उठ रही उन आवाजों का स्वागत किया जो दोनों देशों के बीच संवाद की आवश्यकता पर जोर दे रही हैं। उसने कहा कि शांति, सुरक्षा और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए संवाद और रचनात्मक सहयोग बेहद जरूरी हैं।
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से साप्ताहिक प्रेस वार्ता में पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज नरवणे की टिप्पणियों के बारे में प्रतिक्रिया के लिए पूछा गया। नरवणे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता दत्तात्रेय होसबाले के इस बयान का समर्थन किया है कि पाकिस्तान के साथ संवाद के लिए हमेशा दरवाजे खुले रहने चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के भीतर संवाद पर जोर देने वाली आवाजें निश्चित रूप से एक सकारात्मक घटनाक्रम हैं। हम आशा करते हैं कि भारत में समझदारी बनेगी… हम निश्चित रूप से देखेंगे कि भारत में इन आवाजों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।’’
अंद्राबी ने हालांकि दोनों देशों के बीच परोक्ष माध्यम से संवाद की पुष्टि या खंडन करने से इनकार किया।
उन्होंने कहा, ‘‘पर्दे के पीछे या किसी अन्य माध्यम से बातचीत के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है और इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। अगर मैं इस पर टिप्पणी करूं तो पर्दे के पीछे बातचीत का अर्थ ही खत्म हो जाएगा, क्योंकि यह पूरी तरह गोपनीय प्रक्रिया होती है।’’
अंद्राबी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान का मानना है कि सभी के लिए शांति, सुरक्षा और साझा समृद्धि को आगे बढ़ाने के संबंध में रचनात्मक साझेदारी और ईमानदार संवाद आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सद्भाव की दिशा में मार्ग प्रशस्त करने के लिए हम कूटनीति, संप्रभुता के सम्मान और सार्थक अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव के सिद्धांतों के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं।’’
एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तानी सैनिक ‘‘किसी भी दुस्साहस, गोलीबारी, युद्धविराम के किसी भी उल्लंघन’’ के प्रति सतर्क रहते हैं।
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच स्थायी शांति के लिए अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शांति प्रक्रिया जारी है और ‘‘यह कायम है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं और आशावादी बने हुए हैं। शांति वार्ता को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से दोनों प्रमुख पक्षों की है। पाकिस्तान अपनी ओर से इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहा है।’’
भाषा आशीष प्रशांत
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