प्रधानमंत्री मोदी ने नार्डिक देशों के समकक्षों के साथ स्वच्छ ऊर्जा, व्यापार पर चर्चा की

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प्रधानमंत्री मोदी ने नार्डिक देशों के समकक्षों के साथ स्वच्छ ऊर्जा, व्यापार पर चर्चा की

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  • Publish Date - May 19, 2026 / 05:16 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 05:16 PM IST

(फोटो सहित)

ओस्लो, 19 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को आइसलैंड, फिनलैंड और डेनमार्क के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग बैठकों के दौरान स्वच्छ ऊर्जा, व्यापार, सतत विकास और डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने ये बैठकें तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन से पहले कीं। आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रन फ्रॉस्टडॉटिर, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ अपनी बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और तीनों नॉर्डिक देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समग्र दिशा पर चर्चा की।

मोदी ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रन फ्रॉस्टडॉटिर के साथ मेरी एक शानदार मुलाकात हुई। भारत आइसलैंड के साथ अपनी मित्रता को बहुत महत्व देता है।’’

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने स्वच्छ ऊर्जा, मत्स्य पालन, सतत विकास, भू-तापीय ऊर्जा तथा कार्बन कैप्चर और स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

मोदी ने कहा, ‘‘ब्लू इकोनॉमी से संबंधित क्षेत्रों में आइसलैंड की क्षमता सराहनीय है। हमें उम्मीद है कि ऐतिहासिक भारत-ईएफटीए (यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता) व्यापार और निवेश संबंधों को भी गति प्रदान करेगा।’’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के इतर मोदी और फ्रॉस्टडॉटिर के बीच हुई चर्चा में नवीकरणीय ऊर्जा, नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, आर्कटिक सहयोग और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे मुद्दे भी शामिल रहे।

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।’’

फिनलैंड के प्रधानमंत्री ओर्पो के साथ एक अलग बैठक में, मोदी ने व्यापार और निवेश, डिजिटलीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), 5जी और 6जी, क्वांटम प्रौद्योगिकियों, सतत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा और चक्रीय अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

जायसवाल ने बताया कि उन्होंने नवाचार, शिक्षा, गतिशीलता और लोगों के बीच संबंधों पर भी चर्चा की।

उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने ‘‘भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र लागू होने के महत्व पर जोर दिया’’ और आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

नॉर्डिक देश उत्तरी यूरोप और उत्तरी अटलांटिक में स्थित एक भू-राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्र को संदर्भित करते हैं। इसमें डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन शामिल हैं। पांचों नॉर्डिक देशों की संयुक्त जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) 1.9 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है और वे नवीकरणीय ऊर्जा तथा सतत समुद्री शासन के वैश्विक मानकों में अग्रणी हैं।

ओस्लो में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है, जिसमें मोदी और नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता एक साथ भाग ले रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम और 2022 में कोपेनहेगन में हुए पूर्व भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन की वार्ताओं को आगे बढ़ाएगा। साथ ही यह प्रौद्योगिकी और नवाचार, हरित परिवर्तन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, सतत विकास, ‘ब्लू इकोनॉमी’, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक जैसे क्षेत्रों में नॉर्डिक देशों के साथ भारत की भागीदारी को अधिक रणनीतिक आयाम देगा।

मोदी पांच देशों के दौरे के तहत सोमवार को स्वीडन से नॉर्वे पहुंचे।

प्रधानमंत्री 15 से 20 मई तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के दौरे पर हैं। नॉर्वे से मोदी अपने दौरे के अंतिम चरण में इटली जाएंगे।

रेकजेविक स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट के अनुसार, भारत और आइसलैंड के बीच घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंध हैं, और आइसलैंड के लोग योग, शास्त्रीय संगीत, नृत्य, फिल्मों और खान-पान सहित भारतीय संस्कृति में गहरी रुचि रखते हैं। वर्तमान में लगभग 600 भारतीय नागरिक आइसलैंड में रह रहे हैं।

हेलसिंकी स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट के अनुसार, भारत में फिनलैंड की 100 से अधिक कंपनियों का कारोबार है। नोकिया, कोने एलिवेटर्स, मेट्सो आउटोटेक, वार्सिला, यूपीएम, लिंडस्ट्रॉम, फोर्टम, अहल्स्ट्रॉम और एल्कोटेक जैसी बड़ी फिनिश कंपनियों के भारत में विनिर्माण संयंत्र हैं।

फिनलैंड में भारतीय मूल के लगभग 33,445 लोग रहते हैं, जिनमें लगभग 15,115 अनिवासी भारतीय (एनआरआई) और 18,330 प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई) शामिल हैं। लगभग 2,400 भारतीय छात्र फिनलैंड के विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

डेनमार्क की कई प्रमुख कंपनियों ने ‘मेक इन इंडिया’ योजना के तहत नए विनिर्माण कारखाने स्थापित किए हैं। डेनमार्क की प्रमुख निवेश कंपनियों में एपी मोलर-मेर्स्क ग्रुप शामिल है, जो भारत के कंटेनर व्यापार का लगभग 19 प्रतिशत हिस्सा संभालता है।

डेनमार्क में भारतीय समुदाय की संख्या लगभग 22,000 है। इनमें आईटी पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, वित्त और बैंकिंग पेशेवर, शिक्षाविद और छात्र शामिल हैं।

भाषा आशीष नरेश

नरेश