लंदन, 23 जनवरी (एपी) ब्रिटिश सेना के जरिये अफगानिस्तान में सेवा दे चुके प्रिंस हैरी ने शुक्रवार को कहा कि युद्ध के दौरान ब्रिटिश सैनिकों के बलिदानों के बारे में ‘‘सच्चाई और सम्मान के साथ बात की जानी चाहिए।’’
हैरी की यह प्रतिक्रिया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि अफगानिस्तान युद्ध के दौरान नाटो देशों (अमेरिकी सैनिकों को छोड़कर) के सैनिक मोर्चे से दूर रहे।
ब्रिटिश सेना में दो बार अफगानिस्तान में सेवा दे चुके हैरी ने कहा कि 11 सितंबर, 2001 के हमलों के बाद अमेरिका के सहयोगियों ने उसके साथ खड़े होने के आह्वान का समर्थन किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने वहां (अफगानिस्तान) सेवा की। मैंने वहां अच्छे दोस्त बनाए, और मैंने वहां अपने दोस्तों को खोया भी। अकेले ब्रिटेन के ही 457 सैन्यकर्मियों ने जान गंवाई।’’
एपी शफीक देवेंद्र
देवेंद्र