फाइजर की दूसरी डोज के 90 दिन बाद बढ़ने लगता है संक्रमण का खतरा, रिसर्च में सामने आई बात

Risk of infection begins to increase 90 days after second dose of Pfizer's anticode vaccine: Study फाइजर के कोविड रोधी टीके की दूसरी खुराक के 90 दिन बाद बढ़ने लगता है संक्रमण का खतरा: अध्ययन

Edited By: , November 26, 2021 / 03:32 PM IST

यरुशलम, 26 नवंबर (भाषा) फाइज़र-बायोएनटेक के कोविड-19 रोधी टीके की दूसरी खुराक लेने के 90 दिन बाद से संक्रमण का खतरा धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है। इज़राइल के ‘रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ल्यूमिट हेल्थ सर्विसेज’ द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि टीके से मिलने वाली प्रतिरक्षा समय के साथ कम होती जाती है। साथ ही, इसमें तीसरी खुराक (बूस्टर डोज) की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।

पढ़ें- टॉयलेट पेपर पर लिखकर सौंप दिया इस्तीफा, फिर ऐसा था बॉस का रिएक्शन.. देखिए

इज़राइल में दिसंबर 2020 में कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान व्यापक स्तर पर शुरू कर दिया गया था, लेकिन यहां जून 2021 से संक्रमण के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं। दुनिया भर में, संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि उच्च टीकाकरण दर वाले देशों में भी, संक्रमण अधिक फैल सकता है, क्योंकि समय के साथ टीके से मिलने वाली प्रतिरक्षा कम होती जाती है।

पढ़ें- जाने-माने गीतकार बिछु तिरुमला का निधन, 3000 से ज्यादा फिल्मी गाने और 2000 भक्ति गीत लिखे

शोधकर्ताओं ने, औसतन 44 वर्ष की आयु वाले 80,057 वयस्कों के लिए ‘इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड’ की समीक्षा की, जिन्होंने अपनी दूसरी खुराक लेने के कम से कम तीन सप्ताह बाद पीसीआर जांच कराई और उनके पूर्व में कोरोना वायरस से संक्रमित होने के कोई सबूत नहीं थे। इन 80,057 प्रतिभागियों में से 7,973 (9.6 प्रतिशत) लोग संक्रमित पाए गए। फिर इन लोगों की रिपोर्ट को उसी आयु तथा जातीय समूह की रिपोर्ट से मिलाया गया, जिनकी जांच उसी सप्ताह की गई थी और जो संक्रमित नहीं पाए गए थे।

पढ़ें- IND vs NZ: कानपुर टेस्ट में गुटखा खाते शख्स का वीडियो हो रहा वायरल, गुटखा चबाते ठाठ से मैच देख रहा था फैन.. वसीम जाफर ने भी किया शेयर 

अन्य संभावित प्रभावशाली कारकों पर गौर करने के बाद शोधकर्ताओं ने दूसरी खुराक के बाद समय बीतने के साथ संक्रमण का खतरा बढ़ा पाया। दूसरी खुराक के शुरुआती 90 दिनों की तुलना में, सभी आयु समूहों में संक्रमण का जोखिम 90-119 दिनों के बाद 2.37 गुना अधिक, 120-149 दिनों के बाद 2.66 गुना अधिक, 150-179 दिनों के बाद 2.82 गुना अधिक और और 180 दिनों या उससे अधिक के बाद 2.82 गुना अधिक था। उन्होंने अध्ययन का निष्कर्ष निकाला कि जिन व्यक्तियों को फाइजर टीके की दो खुराकें दी गई हैं, उनमें समय के साथ प्रतिरक्षा कम होती दिखी।

पढ़ें- सीएम बघेल ने PM आवास आवंटन रद्द करने पर जताई नाराजगी, केंद्रांश बढ़ाने की मांग, बोले ‘जब पीएम के नाम से है योजना तो केंद्रांश 60% क्यों?