नबतिया (लेबनान), 26 जून (एपी) इस्लामी महीने मुहर्रम के 10वें दिन, ‘आशूरा’ के मौके पर ईरान, इराक, लेबनान और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के शिया मुस्लिमों ने शुक्रवार को पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत को याद किया।
सातवीं सदी के अंत में इराक के करबला में इमाम हुसैन व उनके साथियों की खलीफा यज़ीद की फौज के साथ 10 दिन तक लड़ाई चली थी और इस अवधि में इमाम के कई साथियों की जान चली गई थी। 10वें दिन इमाम हुसैन भी शहीद हो गए थे। इसकी याद में शिया समुदाय के सदस्य ‘आशूरा’ पर मातम करते हैं।
‘आशूरा’ के मौके पर शुक्रवार को इराकी शिया बड़ी संख्या में पवित्र शहर करबला में एकत्र हुए जहां इमाम को दफनाया गया था।
बगदाद में, हजारों लोगों ने सड़कों पर जुलूस निकाला जबकि कुछ लोगों ने छुरों से मातम किया जिससे उनके सिरों से खून बहने लगा।
लेबनान में काले कपड़े पहने हज़ारों लोग बेरूत के दक्षिणी उपनगर में हिज़्बुल्ला के पूर्व नेता, दिवंगत हसन नसरल्लाह की कब्र पर इकट्ठा हुए। नसरल्लाह की 2024 में इज़राइल के कई हमलों में जान चली गई थी।
इस दौरान कुछ महिलाएं नसरल्लाह और ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें लिए हुए थीं। खामेनेई की फरवरी में अमेरिका और इज़राइल के हमले में मौत हो गई थी।
एपी नोमान नेत्रपाल
नेत्रपाल